एआरटीओ ऋषिकेश टीम ने चलाया सघन चेकिंग अभियान
ऋषिकेश, 18 मार्च 2026: एआरटीओ कार्यालय ऋषिकेश को निजी वाहनों द्वारा व्यावसायिक प्रयोग की लगातार मिल रही शिकायत पर एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत के नेतृत्व में एआरटीओ की टीम ने तपोवन क्षेत्र में वाहनों का सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान जहां एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने विभिन्न बाइक रेंटल एजेंसियों के वाहनों का सत्यापन किया वहीं एक दुपहिया वाहन को व्यावसायिक प्रयोग में करते हुए कार्यालय में निरुद्ध किया। साथ ही 65 अन्य वाहनों के चालान करते हुए 10 वाहनों को कार्यालय में निरूद्ध किया।
एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने बताया कि टीम को अभियान लगातार जारी रहेगा।
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खबर 02
दो घंटे का जटिल ऑपरेशन कर निकाली 4 किलो की रसौली
श्यामपुर, 18 मार्च 2026: श्री देव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय में लगभग 2 घंटे के जटिल ऑपरेशन के पश्चात 4 किलो की रसौली निकालकर दर्द से बेहाल महिला को आराम दिलाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले काफी समय से श्री देव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय में सभी विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होने से जनता को इसका भरपूर लाभ मिल रहा है अब किसी भी प्रकार की बीमारी के लिए लोगों को अनियंत्रित शहरों की और नहीं दौड़ना पड़ रहा है जिससे लोगों का समय एवं धन दोनों की बचत हो रही है।
इसी कड़ी में आज वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वर्षा पवार ने बताया कि नरेंद्र नगर शहर के निकटवर्ती ग्राम पाथौं निवासी 48 वर्षीय रुक्मणी पिछले काफी समय से पेट दर्द से परेशान थी दो दिन पूर्व डॉक्टर पवार को दिखाने पर उनका पेट फुला हुआ था तो पवार द्वारा मरीज का सिटी स्कैन अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जरूरी जांच आदि करवाने पर उनके राइट साइड में एक गांठ दिखाई दे रही थी किंतु जब आज उनका लगभग 2 घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद उक्त गांठ इतनी लंबी थी कि वह लेफ्ट साइड तक फैल गई थी जिस महिला मरीज को काफी दिक्कतें हो रही थी उल्लेखनीय है कि उक्त महिला का इससे पूर्व भी दो ऑपरेशन हो चुके थे जिसके चलते यह ऑपरेशन काफी जटिल रहा डॉक्टर वर्षा पवार के साथ जनरल सर्जन डॉक्टर विभूति उनियाल, एनेस्थेटिक डॉक्टर शिवानी रमोला, डॉक्टर अनुराग, नर्सिंग अधिकारी पूजा थपलियाल एवं अमित कोठारी का भी योगदान रहा।
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खबर 03
हाईवे पर दो दिन बना गड्ढा दे रहा दुर्घटना को न्योता, कट्टों में पत्थर भरकर कर दी इतिश्री
स्पष्ट एक्सप्रेस।
गुमानीवाला, 18 मार्च 2026: ग्लास फैक्ट्री और यूपीसीएल कार्यालय के समीप हाईवे पर बने चैंबर का गड्ढा दुर्घटना को न्योता दे रहा है। गड्ढे के चारों तरफ रेत बजरी, मिट्टी के कट्टे भरकर उसके ऊपर लाल कपड़ा बांध कर बैरीकेट बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। जबकि 2--3 घंटे बाद ही मिट्टी पत्थर के गड्ढे वाहनों की आवाजाही से हाईवे पर फैल गए।
यदि इस चैंबर के चारों तरफ किसी व्यक्ति ने सुरक्षा की दृष्टि से बैरीकेट बनाया है तो व्यक्ति की जागरूकता को सलाम, और सवाल उठता है कि संबंधित विभाग कहां सोया हुआ है। और यदि एनएच विभाग ने इस तरह से बेरीकेट्स बनाया है तो इससे विभाग की उदासीनता झलकती है। क्या इसके चारों तरफ बेरीकेट्स नहीं लगाने चाहिएं?
ऐसे में यदि कोई दुर्घटना घटती है तो कौन होगा उसका जिम्मेदार?
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खबर 04
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केंद्र व्यवस्थापक का सम्मान
ऋषिकेश, 18 मार्च 2026: सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश में परिषदीय परीक्षा के सफल समापन के अवसर पर केंद्र व्यवस्थापक सत्येंद्र खुगशाल जी का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंग वस्त्र पहनाकर एवं डायरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने खुगशाल जी के कुशल नेतृत्व एवं जिम्मेदारियों के निर्वहन की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हुई। उन्होंने खुगशाल जी के उज्ज्वल एवं यशस्वी जीवन की कामना भी की।
विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों ने भी इस अवसर पर उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।
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खबर 05
पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन
ऋषिकेश, 18 मार्च 2026: आज 18 मार्च 2026 को पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के तत्वावधान में "बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights - IPR)" विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों, शोधार्थियों और छात्रों को नवाचार (Innovation) तथा पेटेंट फाइलिंग की बारीकियों से अवगत कराना था।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय परिसर निदेशक प्रो एम.एस. रावत व यूकॉस्ट के वैज्ञानिक व मुख्य वक्ता हिमांशु गोयल, संकायाध्यक्ष विज्ञान, प्रो. एस पी सती, निदेशक, IQAC व IPR प्रकोष्ठ प्रो. जी के ढींगरा, डॉ. एस के कुडियाल व अन्य द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस दौरान श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने अपने सन्देश में कहा कि इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय में शोध और उद्यमिता के वातावरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगे । उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने अपने सन्देश में कहा कि ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन राज्य स्तर पर निरंतर किया जा ताकि बौद्धिक संपदा अधिकार पर जागरूकता को बढ़ावा मिले। इसी के साथ उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी I
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता/ IPR विशेषज्ञ हिमांशु गोयल, वैज्ञानिक, PIC, यूकॉस्ट ने बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में प्राचीन भारतीय ज्ञान के भंडार के बारे में चर्चा के उन्होंने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहां की अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं तथा कल्पनाओं को एक आधारभूत ढांचा बनाने के लिए बौद्धिक संपदा का उपयोग कर हम संरक्षित कर सकते हैं उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत की ओर से लगभग 1 लाख पेटेंट प्रतिवर्ष हो रहे हैं l उन्होंने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क एवं डिज़ाइन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने यह भी बताया कि नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकार किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । यह कार्यशाला बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व, पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और अन्य आईपीआर से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर केंद्रित रही। उन्होंने प्रतिभागियों को इन अधिकारों की रक्षा, पंजीकरण प्रक्रिया और नवाचारों के व्यावसायीकरण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की ।
कार्यशाला में परिसर निदेशक प्रो एम० एस० रावत ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अपने मौलिक विचारों और शोध कार्यों को कानूनी रूप से संरक्षित करना कितना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नवाचार को प्रोत्साहन देना आवश्यक हो गया है, उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटा सा मौलिक विचार पेटेंट के माध्यम से व्यावसायिक सफलता प्राप्त कर सकता है ।
संकायाध्यक्ष विज्ञान, प्रो एस पी सती ने कहा कि यूकॉस्ट की भूमिका अधिक है, उन्होंने कार्यशाला में उत्तराखंड के युवाओं और वैज्ञानिकों को तकनीकी सहायता प्रदान करने में यूकॉस्ट के प्रयासों की सराहना की गई ।
इस अवसर पर IQAC व IPR प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो जी के ढींगरा ने मुख्य अतिथि, वक्ता व समस्त प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की समझ अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया ।
डॉ एस के कुडियाल ने अपने संबोधन में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, सभी को नवाचार के लिए प्रेरित किया I
अंत में वक्ता ने प्रतिभागियों की जिज्ञासा समाधान का समाधान किया, प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान शोधार्थियों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया, जिसमें मुख्य रूप से शोध पत्र प्रकाशित करने और पेटेंट कराने के बीच के अंतर को समझाया गया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधकर्ताओं, फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की I कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर,एमएलटी विभाग प्राध्यापक, शोध छात्र और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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खबर 06
निरंकुश सरकार का निरंकुश शासन
श्यामपुर, 18 मार्च 2026: निरंकुश राजा का निरंकुश शासन जनता के अधिकारों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है।
शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। जनहित के आवश्यकताओं को दरकिनार कर सरकार द्वारा किए जा रहे एकतरफा कार्य लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माने जा रहे हैं। प्रजा की आवाज दबने से विरोध के स्वर भी तेज होते जा रहे हैं, जिससे शासन और जनता के बीच दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है।
निरंकुश सरकार: ऐसी सरकार जो बिना किसी रोक-टोक, कानून या जनहित की आवश्यकताओं को ध्यान में ना रखते हुए मनमर्जी से शासन करती है। जो जनहित
निरंकुश शासन: ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता के अधिकार सीमित होते हैं और सारी शक्ति एक व्यक्ति के हाथ में होती है।
जब सरकार पूरी तरह से मनमाने ढंग से कार्य करती है और जनता की राय या जरूरतों की अनदेखी करती है, तो उसे “निरंकुश शासन” कहा जाता है।
ऐसा ही एक मामला श्यामपुर चौकी के सामने हाईमास्ट लाइट से उजागर हुआ है जो 2 साल से शोपीस बनी हुई है और उच्चाधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखा रही है।
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खबर 07
सवालों के घेरे में पशु कल्याण बोर्ड : जब एम्स रोड पर सड़क पर गौवंश, तो किसकी जेब में 23 करोड़ 44 लाख।
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खबर 08
खबर 09
श्यामपुर, 09 मार्च 2026: श्यामपुर स्थित बैली ब्रिज में डार्क हरा पेंट किए जाने के कारण बैली ब्रिज अंधेरा होने पर ठीक तरह से दिखाई नहीं देता, जबकि ब्रिज के स्ट्रक्चर में सफेद पेंट करना चाहिए। ना ही ब्रिज के स्ट्रक्चर पर रेडियम युक्त पट्टियां लगाई गई हैं।
इसके अलावा, बैली ब्रिज के बाद रात में चमकने वाले डेलीनेटर लगाए गए हैं। जबकि ये डेलीनेटर पुल से पहले लगाए जाने चाहिए थे।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि एनएच खंड डोईवाला अपने कार्यों के प्रति उदासीन बना हुआ है। और ना ही कभी हाईवे की व्यवस्थाओं का जायजा लेता है।
एनएच ने अपने सिर्फ 2 बेलदारों के ऊपर हाईवे पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी छोड़ी हुई है। इस लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि "फ्री की रोटियां तोड़ रहा है" एनएच खंड डोईवाला।
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खबर 10
स्पष्ट एक्सप्रेस।
श्यामपुर, 16 मार्च 2026: श्यामपुर स्थित ग्रामीण क्षेत्र में बीते साल कदम कदम पर रात में सुरक्षा की दृष्टि से कदम-कदम पर डेलीनेटर लगाए गए थे। जिससे अंधेरे में मार्ग का पता चल सके और दुर्घटना से बचा जा सके। लेकिन अब हाईवे पर डेलीनेटर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। पिछले साल बजट को ठिकाने लगाने के लिए कदम कदम पर डेलीनेटर लगाए गए थे।
इससे एक सवाल ये भी उठता है कि क्या अब विभाग को लगता है कि अब या तो रात में वाहन नहीं चलते, या अब दुर्घटनाएं ही नहीं होती।
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खबर 11


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