स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 10 मार्च 2026: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। आज आयोजित जनता दर्शन में कुल 170 शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन में आने वाले व्यथित, असहाय, बुजुर्ग, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई की जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ संबंधित शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनता दर्शन में राजीव नगर निवासी व्यथित विधवा अरूणा ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनके पति की वर्ष 2008 में मृत्यु हो गई तथा मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करती है।
उनका पेयजल का बिल रू0 34395 प्राप्त हुआ है जिसका भुगतान करने में असमर्थ है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को बिल सटलमेंट करने के निर्देश दिए तथा सटलमेंट धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने के निर्देश दिए।
बंजारावाला निवासी कल्पना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्री विदुषी, जो फाईलफोर्ट पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा है, आर्थिक तंगी के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाई है, जिसके चलते विद्यालय प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने से रोक रहा है।
इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर छात्रा को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा योजना के अंतर्गत उसकी स्कूल फीस जमा कराने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जवाहर कॉलोनी, बल्लूपुर निवासी शमशाद ने बताया कि वर्ष 2023 में एक दुर्घटना में उनका पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था और उनका उपचार चल रहा है। आय का कोई साधन न होने के कारण उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत करने तथा प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
तहसील चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने अवगत कराया कि वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई कालसी द्वारा लाखामण्डल से नाडा मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था, जिससे उनकी कृषि भूमि और नहर को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने बताया नहर निर्माण हेतु शेष रू0 5.04 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से प्रकरण का संज्ञान लेते हुए समाधान प्रस्तुत करने को कहा।
अधिकारियों द्वारा 12 मार्च तक समस्या के निस्तारण का लिखित आश्वासन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल ने भी अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।
उनका पुत्र दिव्यांग है, जिसका उपचार कराने में वे असमर्थ हैं तथा उनके पति भी बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सरिता के दिव्यांग पुत्र को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत रू0 4000 प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके और बच्चे का उपचार सुचारू रूप से हो सके।
जनता दर्शन में गढ़ीकैंट डाकरा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और हाल ही में उनका ऑपरेशन हुआ है।
उन्होंने शिकायत की कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण आए दिन घर में हुड़दंग करता है और उन्हें परेशान करता है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरण में गुंडा एक्ट के अंतर्गत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार धर्मपुर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मामले में उनके भरण-पोषण के लिए वाद दर्ज किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनता दर्शन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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खबर 02
खबर 03
टिहरी गढ़वाल, 09 मार्च 2026: उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट केवल आंकड़ों का बड़ा पुलिंदा है, लेकिन इसमें प्रदेश की वास्तविक समस्याओं का कोई ठोस समाधान नजर नहीं आता। सरकार ने इसे प्रदेश का सबसे बड़ा बजट बताया है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इसमें पहाड़, किसान, बेरोजगार युवा और आम जनता की पीड़ा कहीं दिखाई नहीं देती।
पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों के आतंक से किसान और ग्रामीण लगातार परेशान हैं, उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन सरकार ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी पहाड़ों में बदहाल है, अस्पतालों में डॉक्टर और संसाधनों की भारी कमी है, लेकिन इस बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई ठोस और कारगर योजना दिखाई नहीं देती।
उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। गांव खाली होते जा रहे हैं, लेकिन पलायन रोकने के लिए सरकार के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है। बेरोजगार नौजवानों को भी इस बजट से उम्मीद थी कि रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन युवाओं के लिए इसमें कुछ भी नया नजर नहीं आता।
महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम आदमी की कमर टूट रही है, लेकिन सरकार के बजट में महंगाई कम करने का कोई प्रभावी उपाय नहीं दिखता।
शिक्षा का क्षेत्र लगातार बाजारीकरण की ओर बढ़ रहा है और सरकार इस पर रोक लगाने के बजाय इसे मौन स्वीकृति देती नजर आ रही है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि टिहरी बांध विस्थापितों और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा को लेकर भी इस बजट में कोई चर्चा नहीं की गई।
साथ ही प्रतापनगर क्षेत्र को केंद्रीय ओबीसी में शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी सरकार ने कोई पहल नहीं की। कुल मिलाकर यह बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है। उत्तराखंड की जनता को इससे जो आशाएं थीं, वह इस बजट में पूरी होती दिखाई नहीं देतीं।
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खबर 04
श्यामपुर, 09 मार्च 2026: श्यामपुर स्थित बैली ब्रिज में डार्क हरा पेंट किए जाने के कारण बैली ब्रिज अंधेरा होने पर ठीक तरह से दिखाई नहीं देता, जबकि ब्रिज के स्ट्रक्चर में सफेद पेंट करना चाहिए। ना ही ब्रिज के स्ट्रक्चर पर रेडियम युक्त पट्टियां लगाई गई हैं।
इसके अलावा, बैली ब्रिज के बाद रात में चमकने वाले डेलीनेटर लगाए गए हैं। जबकि ये डेलीनेटर पुल से पहले लगाए जाने चाहिए थे।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि एनएच खंड डोईवाला अपने कार्यों के प्रति उदासीन बना हुआ है। और ना ही कभी हाईवे की व्यवस्थाओं का जायजा लेता है।
एनएच ने अपने सिर्फ 2 बेलदारों के ऊपर हाईवे पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी छोड़ी हुई है। इस लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि "फ्री की रोटियां तोड़ रहा है" एनएच खंड डोईवाला।
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खबर 05
दो साल से शोपीस बनी हुई है हाई-मास्ट लाइट, अंधेरे में श्यामपुर पुलिस चौकी तिराहा, सीडीओ के निर्देशों को भी दिखाया जा रहा ठेंगा
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खबर 06
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खबर 07
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