____________________________________________________
खबर 01
मरीज का विश्वास जीतना ही डॉक्टर की पहली जिम्मेदारीः उपराष्ट्रपति
स्पष्ट एक्सप्रेस।
एम्स ऋषिकेश, 23 अप्रैल 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Aiims Rishikesh) में गुरुवार को छठवें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (Vice President C.P. Radhakrishnan) ने संस्थान के 386 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की। साथ ही 11 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।
दीक्षांत समारोह का शुभारंभ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक चिकित्सक का सबसे पहला धर्म रोगी का विश्वास बनाए रखना है। आपको इस मुकाम तक पहुंचाने में शिक्षकों के साथ-साथ माता-पिता का विशेष योगदान है, उन्हें जीवन में कभी न भूलें। स्वास्थ्य सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक दायित्व है।
उपराष्ट्रपति ने कोविड काल में डॉक्टरों के योगदान की सराहना की और ’वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षित किया, बल्कि 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की। समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने डॉक्टरों को मेडिकल साइंस के नवीनतम शोधों से अपडेट रहने की सलाह दी।
दुर्गम क्षेत्रों में तकनीक का सहारा:
समारोह में एम्स ऋषिकेश द्वारा सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए दवाइयां पहुंचाने और चार धाम यात्रा के दौरान दी जाने वाली सेवाओं की विशेष सराहना की गई। राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि एम्स ऋषिकेश राज्य के लिए ’जीवनदान’ साबित हो रहा है, खासकर आपातकालीन स्थितियों में इसकी भूमिका अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री का आह्वानः पहाड़ों में भी दें सेवाएं:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिकित्सकीय पेशे को ’मानवता की संजीवनी’ बताया। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे अपने करियर में कुछ समय उत्तराखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों की सेवा के लिए जरूर निकालें। उन्होंने किच्छा में बन रहे सेटेलाइट सेंटर को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया।
इस अवसर पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह, डीन एकेडमिक प्रो. डॉ. सौरभ वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
डिग्री वितरण का विवरण:
कुल 386 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं
• MBBS: 100 विद्यार्थी
• B.Sc. ऑनर्स नर्सिंग: 89 विद्यार्थी
• MD/MS/MDS: 96 विद्यार्थी (2022 व 2023 बैच)
• DM/MCh: 66 विद्यार्थी (2022 व 2023 बैच)
• PhD: 11 शोधार्थी
• अन्य: M.Sc. नर्सिंग, मेडिकल और पब्लिक हेल्थ के छात्र।
स्वर्ण पदक विजेता:
• डॉ. देवांग अग्रवाल (2019 बैच MBBS): सर्वाधिक 7 पदक।
• डॉ. रश्मीत कौर: MBBS।
• आरती राणा: B.Sc. नर्सिंग।
• डॉ. मेहुल अग्रवाल व डॉ. मयंक कपूर: DM/MCh।
• डॉ. श्रीजिठ जे व डॉ. बालाचंद्र रॉठू: MD/MS।
____________________________________________________
खबर 02
खबर 03
खबर 04
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नाम से की पहली पूजा
चमोली, 23 अप्रैल 2026: भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। भंडारे का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के साथ किया प्रसाद ग्रहण:- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
खबर 05
खबर 08
विश्व पृथ्वी दिवस व गांधीजी के नमक तोड़ो आंदोलन की 96वीं वर्षगांठ पर दून के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आजादी के योद्धाओं को पुष्पांजलि अर्पित की व पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया संकल्प
देहरादून, 22 अप्रैल 2026: विश्व पृथ्वी दिवस तथा गांधीजी के नमक तोड़ो आंदोलन की 96वीं वर्षगांठ पर खाराखेत में नून नदी पर स्थित स्मारक पर दून के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जहां आजादी के योद्धाओं को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए वहां पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प भी लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन मैती आंदोलन, संयुक्त नागरिक संगठन, महावीर सेवा समिति, पहाड़ी पैडलर ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। यहां रेंज अधिकारी सुनेल पनेरु सहित वन विभाग की टीम के साथ पर्यावरण प्रेमियों तथा युवा पैडलर्स ने पौधारोपण में भाग लिया। यहां आयोजित संवाद में वक्ताओं ने कहा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों का सामना करने के लिए आज प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति सभी नागरिकों को जागरूक किया जाना जरूरी है। हमे घरों में या घर से बाहर प्लास्टिक या पॉलीथीन के बैग का प्रयोग बिल्कुल खत्म करना होगा, इसके रीसायकल और रीयूज को भी अपनाना होगा।
मौजूद वक्ताओं ने एयर कंडीशनर का कम से कम प्रयोग करने का भी आह्वान किया और बताया इससे कंक्रीट के बढ़ते जंगलों में वातावरण अधिक गर्म और प्रदूषित हो रहा है। कुछ लोगों की सुविधा के लिए आमजन के स्वास्थ्य को खतरा पहुंचना अन्याय है, अब दून में नई ऊंची हाई राइज बिल्डिंग्स की जगह ऊंचे वृक्षों की जरूरत है तभी विनाश से बच जा सकता है। वक्ताओं ने रायपुर स्टेडियम के बाहरी क्षेत्र में सूखे तथा कटे पेड़ों के श्मशान की जगह नया जंगल उगाने की मांग सरकार से की। वक्ताओं का विचार था की पेड़ पौधे लगाना भी जरूरी है लेकिन इनके पनपने की पूर्ण जिम्मेदारी भी ली जानी जरूरी है, सरकारी पौधारोपण में लाखों पेड़ लगाए गए हैं परंतु सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही केवल एक तिहाई बच पाए हैं जो लापरवाही का नमूना है। वृद्ध नागरिकों का कहना था की मानव वन्यजीव संघर्ष के बुनियादी कारणों पर विचार कर वन्य जीव जंतुओं,पशु पक्षियों के प्राकृतिक आवासों को नष्ट होने से बचाने हेतु वनों के कटान पर पूर्ण रोक लगाई जानी जरूरी है। उत्तराखंड के वनों को आग से बचाना पहाड़ी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों की भी वनविभाग के साथ पहली जिम्मेदारी है, इन्हें भी अग्निशमन यंत्रों किट आदि वन कर्मियों की भांति दिए जाने चाहिए।
कार्यक्रम का समापन खाराखेत नून नदी से भरकर लाए जल कलश को गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर लाकर अर्पित किया गया। यहां नमक तोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
संवाद में लेफ्टिनेंट कर्नल बीएम थापा, अर्जुन कोहली, कल्याण सिंह रावत, डा.स्वामी एस चंद्रा, सोनल पनेरु, गजेंद्र सिंह रमोला, सुशील त्यागी, मोहन सिंह खत्री, अवधेश शर्मा, ताराचंद गुप्ता, मोहन सिंह नेगी, राजेश भाटिया, जीएल पाहवा, जीपी मल्होत्रा, फकीरचंद खेत्रपाल, जीवन झा, नीरज उनियाल, सुदर्शन नेगी, गजपाल सिंह, रावत खेमराज सिंह, नरेश चंद्रकुला, डॉ राकेश डंगवाल, रवि सिंह नेगी, दीपांशु पालीवाल, रेहान सिद्धिकी, हिमांशु बिष्ट, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, विनोद रमोला, देबू थापा, नितिन गोयल शामिल थे।
____________________________________________________
खबर 10
खबर 11
जोखिम भरा मार्ग: श्यामपुर अंतर्गत भट्टा कॉलोनी से ट्यूशन पढ़कर स्वेला नाले से सटे अंधेरे मार्ग से घर जाते बच्चे।
जल्द लिया जाएगा संज्ञान - सुरेंद्र श्रीकोटी एई सिंचाई विभाग।
____________________________________________________
खबर 12
आसरे की तलाश में कॉलोनी में घूम रहे बेघर गौवंश !
ग्रामीणों के खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहे बेघर गौवंश
____________________________________________________
____________________________________________________
खबर 14
____________________________________________________
खबर 17
श्यामपुर, 09 मार्च 2026: श्यामपुर स्थित बैली ब्रिज में डार्क हरा पेंट किए जाने के कारण बैली ब्रिज अंधेरा होने पर ठीक तरह से दिखाई नहीं देता, जबकि ब्रिज के स्ट्रक्चर में सफेद पेंट करना चाहिए। ना ही ब्रिज के स्ट्रक्चर पर रेडियम युक्त पट्टियां लगाई गई हैं।
इसके अलावा, बैली ब्रिज के बाद रात में चमकने वाले डेलीनेटर लगाए गए हैं। जबकि ये डेलीनेटर पुल से पहले लगाए जाने चाहिए थे।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि एनएच खंड डोईवाला अपने कार्यों के प्रति उदासीन बना हुआ है। और ना ही कभी हाईवे की व्यवस्थाओं का जायजा लेता है।
एनएच ने अपने सिर्फ 2 बेलदारों के ऊपर हाईवे पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी छोड़ी हुई है। इस लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि "फ्री की रोटियां तोड़ रहा है" एनएच खंड डोईवाला।
____________________________________________________
खबर 18


0 Comments