____________________________________________________ ______________________ ______________________
____________________________________________________
__________________________________________________________________________________
खबर01
ऋषिकेश–चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर 1 फरवरी तक आवागमन रहेगा बाधित
नरेन्द्रनगर के बगडघार क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित स्थल पर मरम्मत कार्य, तय समय पर रहेगा मार्ग बंद
स्पष्ट एक्सप्रेस।
नरेंद्र नगर, 19 जनवरी 2026: (दिलीप शर्मा): ऋषिकेश–चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 पर आगामी 1 फरवरी 2026 तक यातायात बाधित रहेगा। नरेन्द्रनगर के बगडघार क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित स्थल पर मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं, जिसके चलते मार्ग को प्रतिदिन निर्धारित समयावधि में बंद रखा जाएगा।
लोक निर्माण विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 के लोकेशन 4 किमी 21.900 से 22.070 के बीच बगडघार (नरेन्द्रनगर) में कार्य गतिमान है। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मार्ग को प्रतिदिन विभिन्न समयों पर अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
मार्ग बंद रहने का समय इस प्रकार रहेगा—
दोपहर 12:30 बजे से 01:30 बजे तक
दोपहर 02:15 बजे से 03:15 बजे तक
सायं 04:15 बजे से 05:30 बजे तक
रात्रि 10:30 बजे से प्रातः 04:30 बजे तक
कोतवाली नरेन्द्रनगर ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारणी का पालन करें तथा मार्ग बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। पुलिस प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए सहयोग की अपील की है।
____________________________________________________
खबर02
____________________________________________________
खबर04
18 जनवरी 2026 : उत्तराखंड में माल्टा मिशन की शुरुआत, सरकार द्वारा माल्टे का समर्थन मूल्य ₹40 प्रति किलो घोषित किए जाने की मांग की। संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा मुख्यमंत्री तथा मुख्यसचिव को लिखे गए मांग पत्र।
मांगपत्र में राज्य के पहाड़ी क्षेत्र के मूल निवासियों द्वारा उत्पादित माल्टा, नारंगी, नींबू जैसे फलों के उत्पादक उत्तराखण्डियों के हित में, विगत वर्षों में सरकारी तंत्र द्वारा कोई प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है की सरकारें आई और चली गई, मंत्री आए और संत्री बन गए लेकिन इस ओर बेरुखी के कारण इसका आर्थिक खामियाजा मूल निवासी कृषकों को उठाना पड़ा है।विगत वित्तीय वर्ष में माल्टे का समर्थन मूल्य ₹10/ किलो घोषित करने को हास्यास्पद बताया गया।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकारी उपेक्षा से व्यथित दून की धाद संस्था ने बिना सरकारी सहायता के अपने ही सामूहिक प्रयास से इस वर्ष खुद माल्टा की खरीद सीधे किसानों से प्रारंभ करते हुए इसे दिल्ली तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर वहां₹60 प्रति किलो तक इसको विक्रय करने में सफलता प्राप्त की। पत्र के अंत में मांग की गई है की राज्य के उत्पादकों के हित में इसके उत्पादन, विपणन और संवर्धन मूल्य को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम तत्काल उठाए जाएं तथा तत्काल माल्टे का सरकारी समर्थन मूल्य ₹40 प्रति किलो घोषित किया जाए।
______________________________खबर06


0 Comments