स्पष्ट एक्सप्रेस 01 जून 2026

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खबर 01

क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर, स्ट्रीट लाइटें बंद, हाई मास्ट लाइट बंद, रेतीली सड़कें, तो क्या फ्री की रोटियां तोड़ रहा एनएचएआई! अधिकारी नहीं उठाते फोन

स्पष्ट एक्सप्रेस।
नेपाली फार्म, 31 मई 2026: नेपाली फार्म तिराहे के अंतर्गत फ्लाईओवर की राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) अनदेखी के चलते बदहाल होती जा रही हैं।
          फ्लाईओवर के कई हिस्सों में क्षति के निशान दिखाई दे रहे हैं, जबकि सड़कों पर जगह-जगह जमा रेतीली मिट्टी से निकासी छिद्र बंद पड़े हैं, जिससे बरसाती पानी निकासी नाली में ना जाकर सड़क पर तालाब के रूप में पसरा रहता है। इसके अलावा, रात के समय स्ट्रीट लाइटें और हाई मास्ट लाइटें बंद रहने से फ्लाईओवर की सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा दिखाई नहीं देता, जिससे, दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। हाईवे पर अंधेरा पसरा रहता है।
          खबर के माध्यम से विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। शायद विभाग को किसी अनहोनी का इंतजार है। नियमित रखरखाव एनएचएआई की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है, फिर भी नेपाली फार्म क्षेत्र में व्यवस्थाएं उपेक्षा का शिकार नजर आ रही हैं।
          क्षतिग्रस्त फ्लाईओवर की सड़क, बंद पड़ी लाइटें और धूलभरी सड़कें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी जनता की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कितने गंभीर हैं।
ऊपर से विडंबना ये कि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।
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खबर 02

श्री भरत मंदिर कॉलेज ऋषिकेश के एनसीसी कैडेट्स ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ‘तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो’ तथा ‘स्वस्थ जीवन, खुशहाल जीवन’ जैसे नारे लगाकर निकाली रैली

स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 31 मई 2026: आज श्री भरत मंदिर कॉलेज ऋषिकेश में प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी के कुशल दिशा निर्देशन और सीनियर एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह के नेतृत्व में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर  एनसीसी कैडेट्स द्वारा रैली निकाली और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता  तथा तंबाकू और निकोटीन का सेवन न करने की शपथ ली गई। जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
          इस अवसर पर कैडेटों ने तंबाकू एवं नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाते हुए आकर्षक पोस्टर बनाए तथा जूनियर विंग एनसीसी अधिकारी विकास नेगी के नेतृत्व मे विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को तंबाकू सेवन से दूर रहने का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने ‘तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो’ तथा ‘स्वस्थ जीवन, खुशहाल जीवन’ जैसे नारों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
          इस अवसर पर प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, सीनियर एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, जूनियर विंग एनसीसी अधिकारी विकास नेगी, प्रवक्ता रंजन अंथवाल, खेल कोच प्रवीन रावत, विवेक शर्मा आदि उपस्थित थे।
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खबर 03

शब्दों की साधना को मिला नया आयाम, साईं सृजन पटल के 22वें अंक का भव्य विमोचन

स्पष्ट एक्सप्रेस।
डोईवाला, 31 मई 2026: साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका के 22वें अंक का भव्य विमोचन श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) गुलशन कुमार ढींगरा द्वारा किया गया।
          इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता एवं समाज में रचनात्मक लेखन की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन एवं उसके सामाजिक योगदान की सराहना की।
          मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) गुलशन कुमार ढींगरा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ परिवर्तन का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब साहित्यिक और वैचारिक मंचों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि साईं सृजन पटल जैसी पत्रिकाएं समाज में सकारात्मक चिंतन, सृजनात्मक अभिव्यक्ति और बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं। यह पत्रिका युवा रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ साहित्यिक मूल्यों को भी समृद्ध कर रही है। उन्होंने पत्रिका के संपादक मंडल को शुभकामनाएं देते हुए इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।पत्रिका में लेखन सहयोग के लिए प्रो.ढ़ीगरा को  साईं सृजन पटल के प्रतिष्ठित 'लेखक श्री सम्मान' से नवाजा गया।
          पत्रिका के संपादक प्रोफेसर (डॉ.) के.एल. तलवाड़ ने कहा कि साईं सृजन पटल का उद्देश्य केवल साहित्यिक रचनाओं का प्रकाशन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों और रचनात्मक चेतना का विस्तार करना भी है। उन्होंने कहा कि पत्रिका निरंतर साहित्यकारों, शिक्षाविदों,  और युवा लेखकों को एक साझा मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि पत्रिका के प्रत्येक अंक में समसामयिक विषयों, साहित्यिक रचनाओं तथा प्रेरणादायक लेखों को स्थान दिया जाता है, जिससे पाठकों को विविध विषयों पर सार्थक सामग्री प्राप्त हो सके।
          पत्रिका के उप संपादक अंकित तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग में जहां सूचना का प्रवाह अत्यंत तेज़ हो गया है, वहीं गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक साहित्य की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि साईं सृजन पटल साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पत्रिका के माध्यम से युवा पीढ़ी को लेखन, पठन और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का सतत प्रयास किया जा रहा है। 
          कार्यक्रम के दौरान पत्रिका के नवीन अंक की विषय-वस्तु, उसकी उपयोगिता तथा साहित्यिक योगदान पर भी चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने पत्रिका के नियमित प्रकाशन एवं उसके सामाजिक-सांस्कृतिक योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी पहल बताया।
          इस अवसर पर इंसाइडी क्रिएटिव मीडिया की निदेशक नीलम तलवाड़, सीईओ अक्षत, सक्षम मल्होत्रा और इंसाइडी का स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने पत्रिका के सफल प्रकाशन पर शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए इसके निरंतर विकास और व्यापक प्रसार की कामना की।
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खबर 04

भारतीय जागरूकता समिति एवं जिला विधिक प्राधिकरण की समाज में कानून की भूमिका एवं सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा

स्पष्ट एक्सप्रेस।
हरिद्वार, 31 मई 2026: भारतीय जागरूकता समिति एवं जिला विधिक प्राधिकरण के सौजन्य से भारतीय जागरूकता समिति के प्रांगण में एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें समाज में कानून की भूमिका एवं सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई।
          उक्त पर चर्चा में शहर के कई विद्वान एवं विधिक जानकारी वाले लोग उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किया। जहां एक और समिति के अध्यक्ष एवं हाई कोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने कहा कि आज के युग में समाज के हर क्षेत्र में कानून की जानकारी का होना अति आवश्यक है जिससे समाज जागरूक हो सके वहीं पर दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि समाज में सड़क सुरक्षा एक बहुत ही गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है।  
      आए दिन देखने को मिल रहा है की नए युवक अक्सर किसी दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गवा रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण गाड़ियों में नए फीचर्स जैसे स्पोर्ट्स मोड जैसे गंभीर फीचर्स आ रहे हैं जिनको युवा वर्ग टैकल करना नहीं कर पा रहे हैं जिससे वे आए दिन बड़ी घटना का शिकार हो रहे हैं इसलिए उनका मानना है कि बड़ी गाड़ियों या जिन गाड़ियों में एडवांस फीचर्स आ रहे हैं उनको चलाने के लिए लाइसेंस की उम्र 18 से 25 वर्ष हो जानी चाहिए ताकि उन गाड़ियों को चलाने के लिए युवा परिपक्व हो सके जिस प्रकार शादी के लिए 18 वर्ष और चुनाव लड़ने के लिए 25 वर्ष कानून में निर्धारित है उसी प्रकार से 1200 सीसी से ऊपर की गाड़ियों के लिए 25 वर्ष होना अनिवार्य होना चाहिए।
          जो बच्चा जब 18 साल का हो जाता है उसको तुरंत ही सभी गाड़ियों को चलाने के लिए लाइसेंस मिल जाता है जो की सही नहीं है जिस प्रकार 50 सीसी के वाहनों के लिए 16 वर्ष निर्धारित है इस प्रकार से 1200 सीसी से अधिक की गाड़ियों के लिए 25  वर्ष की आयु निर्धारित की जानी चाहिए ताकि उन गाड़ियों को चलाने के लिए एक व्यस्त मस्तिष्क हो सके। 
          विजेंद्र पालीवाल जी ने उक्त परिचर्चा में कहां की आज के युग में हर किसी को कानून की जानकारी का होना आवश्यक है एवं सड़क पर चल रहे हर व्यक्ति को सड़क सुरक्षा संबंधित जानकारी का भी होना अति आवश्यक है अक्सर देखा जाता है कि सड़क पर वाहनों को बड़े ही गैर जिम्मेदार तरीके से चलाए जाते हैं जो कि लोगों की मृत्यु का कारण बनते हैं जिसके लिए जागरुकता एवं कठोर कानून की अति आवश्यकता है। उक्त परिचर्चा में समिति के पुनर्गठन एम आगामी कार्यक्रम की भी चर्चा की गई। 
          उक्त परिचर्चा में रणजीत सिंह, विनीत चौहान, कपिल मेहता, अनिल कुमार, सिद्धार्थ प्रधान, दीपक पवार, विपुल गोयल, एडवोकेट सीमा, अनीता यादव, एडवोकेट रेनू उपाध्याय, रानी सिंह, रतन सिंह, अरुण पाठक, अनिल भारती आदि सबने अपने विचार व्यक्त किए एवं एक सुरक्षित समाज के लिए संकल्प लिया।
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खबर 05
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खबर 06

बापूग्राम प्रकरण: जमीन के एक टुकड़े के विवाद छीनी लोगों की नींद

स्पष्ट एक्सप्रेस। 
आईडीपीएल ऋषिकेश, 31 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से ऋषिकेश के आधे शहर की नींद उड़ी हुई है। यह आदेश 2866 एकड़ वन भूमि को खाली कराने से संबंधित है। इस भूमि पर एम्स सहित बापूग्राम, अमित ग्राम, शिवाजी नगर, मीरा नगर और आईडीपीएल जैसे मोहल्ले बसे हैं। नगर निगम के इन इलाकों में करीब 75 हजार लोग रहते हैं, जिनमें कई परिवार चार पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं।
          यह विवाद 30 बीघा जमीन के एक छोटे से टुकड़े को लेकर दो लोगों के बीच शुरू हुआ था। मामला निचले कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक चला, वहां से एक के पक्ष में फैसला हुआ तो दूसरा पक्ष बेदखली के डर से सुप्रीम कोर्ट चला गया। वहां तर्क दिया गया कि जमीन दूसरे पक्ष की नहीं वन विभाग की है। सुप्रीम कोर्ट ने नक्शे देखे और पूरे 2866 एकड़ जमीन को वनभूमि मानते हुए खाली कराने का आदेश दे दिया। जनवरी 2026 में प्रशासन बुलडोजर लेकर कब्जा हटवाने पहुंचा। लोगों ने भारी विरोध किया। पथराव और लाठीचार्ज के बाद आखिरकार प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। अब अन्य लोग भी बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सुप्रीम कोर्ट गए हैं। उनका तर्क है कि 70 साल से रह रहे लोगों को हटाना मानवाधिकारों का हनन है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि आवासीय इलाकों को बचाया जाए या पूरी जमीन को वन क्षेत्र माना जाए।
         विवादित जमीन का संबंध महात्मा गांधी की शिष्या मीरा बेन से है। 1948 में तत्कालीन यूपी सरकार ने मीरा बेन को 2866 एकड़ वन भूमि लीज पर दी थी। यह भूमि पशुओं की सेवा और खेती के लिए ऋषिकेश के वीरभद्र ब्लॉक में पशुलोक सोसाइटी के नाम पर थी। मीरा बेन ने यहां बापूग्राम बनाकर निराश्रितों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को बसाया।
          1982 में मीरा बेन की मृत्यु हो गई। 1984 में पशुलोक सोसाइटी ने जमीन वन विभाग को सौंप दी। हालांकि, वहां बसे लोग नहीं हटे। टिहरी बांध विस्थापितों समेत अन्य लोग भी बसते चले गए। उन्हें बिजली, पानी और राशन कार्ड भी जारी किए गए। यह जमीन आज भी वन विभाग के रिकॉर्ड में रिजर्व फॉरेस्ट के रूप में दर्ज है। अब आते हैं विवाद पर। टेकचंद्र शर्मा के पिता को मीरा बेन से 30 बीघा जमीन मिली थी। टेकचंद्र ने इसे अपनी पुश्तैनी जायदाद बताया, जिस पर अनीता कंडवाल व अन्य 24-25 परिवारों के घर थे। टेकचंद्र ने बेदखली का मुकदमा किया और 2015 में निचली अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। डरे परिवार स्टे लेने के लिए हाईकोर्ट तक गए लेकिन सभी जगह याचिकाएं खारिज हो गईं। जिस पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अनीता कंडवाल ने तर्क दिया कि जमीन वन विभाग की है, टेकचंद्र की नहीं।
          सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने नक्शे देखे और पाया कि ऋषिकेश में हजारों एकड़ वन भूमि पर कंक्रीट का जंगल खड़ा हो गया है। इसके बाद कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को 2866 एकड़ भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया। साथ ही खरीद-फरोख्त और नए निर्माण पर रोक लगा दी। कोर्ट ने इसे दशकों की निष्क्रियता, अवैध कब्जा करने वालों, राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच गहरी मिलीभगत का परिणाम बताया। मुख्य सचिव को अतिक्रमण की जांच और भूमि हड़पने में शामिल अधिकारियों की पहचान के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए।
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खबर 07
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खबर 08

वह रे मेरी सरकार! 

रात में भीड़ के बावजूद: सुलभ शौचालय की बाट जोह रहा नेपाली फार्म 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
नेपाली फार्म, 31 मई 2026: 14 नवंबर 2022 को नेपाली फार्म 13 पर एक विदेशी मेहमान सार्वजनिक शौचालय की तलाश करता नजर आया था। विडंबना यह है कि यह जीवन आज दोबारा नेपाली फार्म आए, तो शायद उसे अभी शौचालय ही ढूंढना पड़ेगा। 
नेपाली फार्म में सार्वजनिक शौचालय पहले तो बन ही नहीं रहा था, और जब 5 साल बाद बनाया भी गया तो अभी तक संचालित ही नहीं हुआ। 
          सिस्टम की अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते स्वच्छता अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं चार धाम यात्रा मार्ग पर स्थित नेपाली फार्म में प्रतिदिन बड़ी संख्या में जी शिवजी पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन यहां पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। स्वच्छता अभियान की बड़े-बड़े दावे केवल कागजों, पोस्टरों, बैनरों और विज्ञापनों तक की सीमित नजर आते हैं।
          विज्ञापनों में करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत इसकी उलट है, जिसका जीता जागता उदाहरण नेपाली फार्म में शोपीस बने सुलभ शौचालय को देखकर लगाया जा सकता है।
राज्य सरकार का स्वच्छ भारत सुंदर भारत पर कोई ध्यान नहीं है।
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खबर 09
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खबर 10
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