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खबर 02
लापरवाही: अंधेरे के साए में नेपाली फार्म फ्लाईओवर
नेपालीफार्म, 21 मार्च 2026: रविवार 08 मार्च को मोतीचूर फ्लाईओवर पर अंधेरे के कारण हुई दुर्घटना के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सबक नहीं ले रहा है। नेपाली फार्म फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइट के साथ साथ 2 हाईमास्ट लाइट भी ज्यादा समय बंद रहती हैं।
ताज्जुब की बात है कि स्थानीय अखबार द्वारा खबर के माध्यम से सूचित करने के बावजूद भी NHAI के संबंधित अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे।
NHAI के डीजीएम सौरभ सिंह फोन तक नहीं उठाते। हादसों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। रात होते ही फ्लाईओवर पर अंधेरा छा जाता है, जिससे न केवल वाहन चालकों बल्कि राहगीरों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। हादसों के बाद भी सिस्टम नींद से नहीं जाग रहा और शासन प्रशासन बेसुध बना हुआ है
खबर 03
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खबर 04
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खबर 07
"एप्लाइड जीनोमिक्स और मॉलेक्युलर डायग्नोस्टिक्स" पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
ऋषिकेश, 24 मार्च 2026: पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश (श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय) के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला, सम्मेलन एवं संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का विधिवत उद्घाटन हुआ। "New Frontiers in Applied Genomics, Molecular Diagnostics and Advanced Systems in Translational Research in Life Sciences 2026" विषय पर आधारित यह कार्यक्रम डीएनए लैब्स (CRIS), देहरादून के तकनीकी सहयोग से 21 से 25 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. मनीषा नैथानी (एम्स, ऋषिकेश), विशिष्ट अतिथि निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, आयोजन अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
• प्रो. मनीषा नैथानी ने प्रतिभागियों से व्यावहारिक अनुसंधान (Translational Research) पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
• प्रो. महावीर सिंह रावत ने चिकित्सा क्षेत्र में मॉलेक्युलर डायग्नोसिस की बढ़ती उपयोगिता और आधुनिक अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
• प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में डीएनए लैब्स के प्रबंध निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा और डॉ. अंकिता सिंह ने प्रतिभागियों को 'स्वचालित चुंबकीय मनका-आधारित प्रणाली' द्वारा जीनोम डीएनए निष्कर्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके अतिरिक्त:
• जगजीत सिंह ने मिथाइलेशन प्रोफाइलिंग के लिए डीएनए तैयारी की जानकारी दी।
• रितिक डोगरा ने ELISA आधारित डीएनए मेथाइलेशन विश्लेषण और CRISPR (जीन एडिटिंग) के प्रयोगों का प्रदर्शन किया।
• प्रतिभागियों ने जीन एडिटिंग, जीन साइलेंसिंग, ऑटोमेटेड न्यूक्लिक एसिड एक्सट्रैक्शन और पीसीआर (PCR) तकनीक का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की आधुनिक तकनीकों से शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर लाभ मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन सफिया हसन ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सुनीति कुमार कुड़ियाल द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर प्रो. एसपी सती, प्रो. सुरमान आर्य, डॉ. आरके जोशी, शालिनी कोटियाल, डॉ. बिंदु ठाकुर सहित परिसर के कई प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे।
खबर 08
खबर 09
श्यामपुर, 18 मार्च 2026: बेसुध सरकार के नाकारे विभाग अपने कार्यों से पल्ला झाड़ रहे हैं।
सरकार की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। जनहित के आवश्यकताओं को दरकिनार कर सरकार द्वारा किए जा रहे एकतरफा कार्य लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माने जा रहे हैं।
निरंकुश सरकार: ऐसी सरकार जो बिना किसी रोक-टोक, कानून या जनहित की आवश्यकताओं को ध्यान में ना रखते हुए मनमर्जी से शासन करती है।
ऐसा ही एक मामला श्यामपुर चौकी के सामने हाईमास्ट लाइट से उजागर हुआ है जो 2 साल से शोपीस बनी हुई है और उच्चाधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखा रही है।
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खबर 12
श्यामपुर, 09 मार्च 2026: श्यामपुर स्थित बैली ब्रिज में डार्क हरा पेंट किए जाने के कारण बैली ब्रिज अंधेरा होने पर ठीक तरह से दिखाई नहीं देता, जबकि ब्रिज के स्ट्रक्चर में सफेद पेंट करना चाहिए। ना ही ब्रिज के स्ट्रक्चर पर रेडियम युक्त पट्टियां लगाई गई हैं।
इसके अलावा, बैली ब्रिज के बाद रात में चमकने वाले डेलीनेटर लगाए गए हैं। जबकि ये डेलीनेटर पुल से पहले लगाए जाने चाहिए थे।
ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि एनएच खंड डोईवाला अपने कार्यों के प्रति उदासीन बना हुआ है। और ना ही कभी हाईवे की व्यवस्थाओं का जायजा लेता है।
एनएच ने अपने सिर्फ 2 बेलदारों के ऊपर हाईवे पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी छोड़ी हुई है। इस लिए ये कहना गलत नहीं होगा कि "फ्री की रोटियां तोड़ रहा है" एनएच खंड डोईवाला।
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