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खबर01
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खबर03
फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की उच्चस्तरीय जांच की मांग, राज्य आंदोलनकारी मंच ने सौंपा ज्ञापन
देहरादून, 24 जनवरी 2026 : उत्तराखण्ड में राज्य गठन के बाद जारी किए गए स्थायी निवास प्रमाण पत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए राज्य आंदोलनकारी मंच ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी देहरादून को सौंपा। मंच ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मंच का कहना है कि राज्य गठन के बाद मूल निवास की व्यवस्था समाप्त कर स्थायी निवास प्रमाण पत्र लागू किए गये, जिसकी आड़ में प्रदेश के कई जगहों मे फर्जी प्रमाण पत्र बनाए का मामला समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों में कई बार खुलासा हो चुका है कि फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर कुछ लोग सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्राप्त कर चुके हैं। इससे स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश है और वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
राज्य आंदोलनकारी मंच ने आरोप लगाया कि फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्रों के माध्यम से न केवल स्थानीय लोगों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लिया जा रहा है, बल्कि भूमि खरीद-फरोख्त में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है, जो भविष्य में गंभीर भूमि विवादों का कारण बन सकता है। मंच का दावा है कि यह पूरा कार्य एक संगठित गिरोह द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सक्रिय है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2000 के बाद जारी किए गए सभी स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच कराई जाये, विशेषकर उन व्यक्तियों की जो सरकारी अथवा अर्द्ध-सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। साथ ही स्थायी निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर हुए भूमि सौदों की भी विस्तृत जांच की जाए तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
मंच ने यह भी मांग की कि स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए तथा फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने और बनाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश महासचिव रामलाल खण्डूरी, मोहन सिंह रावत, सत्या पोखरियाल, पुष्पलता सिलमाणा, सुलोचना भट्ट आदि मौजूद रहे।
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खबर04
भाजपा पतन की राह पर तभी कर रहे संतों का अपमान : जयेन्द्र रमोला
स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 24 जनवरी 2026 : आज ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर ऋषिकेश कांग्रेस जनों ने धर्मनगरी प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला के नेतृत्व में दो घंटे का मौन उपवास रखा ।
मौन उपवास कार्यक्रम पूर्व विधायक प्रत्याशी जयेंन्द्र रमोला के संयोजन में आयोजित किया गया, मौन उपवास के माध्यम से कांग्रेसजनों व क्षेत्रवासियों ने न केवल इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निंदा की, बल्कि सनातन संस्कृति, धार्मिक गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प भी दोहराया।
कांग्रेस नेता जयेंन्द्र रमोला ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी जैसे पूज्य संत के साथ दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का अपमान है और ये सब उस प्रदेश में हो रहा है जहाँ का मुखिया खुद एक संत समाज से आता है और महंत की पदवी से सम्मानित है वहीं दूसरी ओर उनकी सरकार में संतों की शिखा को पकड़ कर खींचना और अपमान करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, सरकार के इशारे पर शंकराचार्य व उनके शिष्यों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कल्पना से परे है । कांग्रेस पार्टी इस अनैतिक कृत्य का पुरजोर विरोध करती है और समाज में सौहार्द व सम्मान की भावना को बनाए रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवादून मोहित उनियाल व पूर्व पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा की संत समाज का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह मौन उपवास हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है। सरकार को चाहिए कि वह इस घटना पर संवेदनशीलता दिखाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए।कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी धर्म, संस्कृति और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
मौन उपवास कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता शूरवीर सजवाण, वरिष्ठ कांग्रेसी मदन मोहन शर्मा, अरविन्द जैन,बैसाख सिंह पयाल, मनोज गुसाँई, मदन कुमार शर्मा, राजेंद्र कोठारी, मधु मिश्रा, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, अभिनव सिंह, सरोजिनी थपलियाल, मधु जोशी, मनीष जाटव, ऋषि सिंघल, ब्लॉक का० अध्यक्ष विजयपाल पंवार, सिंहराज पोसवाल, बलबीर सिंह नेगी, अभिषेक शर्मा, जगजीत सिंह जग्गी, गौरव यादव, जतिन जाटव, मुकेश जाटव, सुमित चौहान, राजेश शाह, नरेश वर्मा, अनिल गुप्ता, अमित जाटव, हिमांशु कश्यप, अंकुश, आदित्य झा, यश अरोड़ा, राहुल शर्मा, उमा ओबरॉय, सुभाष कुमार आदि कांग्रेस जन मौजूद थे।
जन्मदिन के दिन जाते-जाते कर गई नेत्रदान
"नेत्रदान अभियान के तहत हो रहे लोग जागरुक"
ऋषिकेश, 24 जनवरी 2026 : नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता आ रही है,जागरूक परिवार अपने परिजन के खोने पर भी पूर्व में नेत्रदान करा चुके परिवारों से संपर्क करते हैं, और नेत्रदान का कार्य संपन्न कराते हैं।
नेत्रदान कार्यकर्ता वह लायंस कल्ब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन कोटद्वार निवासी 53 वर्षीय प्रीति भोला का आकस्मिक निधन हो गया था। मां के निधन पर नेत्रदान के प्रति जागरूक उनके पुत्र डॉक्टर सुगम भोला ने तुरंत पूर्व में अपने माता-पिता का नेत्रदान करवाने वाले मनमोहन भोला से संपर्क किया। जिनके आग्रह पर श्री नारंग ने निर्मल आई इंस्टिट्यूट की नेत्रदाध की रेस्क्यू में मकरेंदु एवं डॉक्टर शेफाली को तत्काल कोटद्वार रवाना किया।
टीम ने दोनों कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। भारी वर्षा एवं दूरी अधिक होने पर भी समय से पहुंचने पर समाज सेवी दलजीत सिंह, अनिल भोला, राजकुमार, महेश भाटिया, आशु डंग, जितेन्द्र भोला ने टीम को साधुवाद दिया।
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