स्पष्ट एक्सप्रेस 23 अप्रैल 2025

______________________________________________
खबर01

माउंट आबू की मुख्य प्रशासनिका राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी जी के अवक्त होने पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित

स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश (आईडीपीएल ), 22 अप्रैल 2025: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गीता नगर, गली नंबर 2, ऋषिकेश द्वारा संस्था के मुख्यालय माउंट आबू की मुख्य प्रशासनिका राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी जी के अवक्त होने पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
देहरादून सब जोन की मुख्य प्रशासिका बीके मंजू दीदी जी बीके आरती दीदी, बीके निर्मला बहन, बीके नीलम दीदी एवं बीके सुशील भाई द्बारा दादी जी को भाव पूर्व श्रंद्धाजलि दी। 
      बीके मंजू दीदी जी ने बताया कि राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी जी ने 50000 से अधिक बहनों को ट्रेनिंग दी है तथा इस ट्रेनिंग का शुभारंभ दादी जी द्वारा ही किया गया था, संस्था में उन्हें बहनों की नायिका के रूप में जाना जाता है। 
            ऋषिकेश सेंटर की प्रमुख बीके आरती दीदी जी ने बताया कि 100 वर्ष की आयु में दादी जी ने हजारों कन्याओं की पालना की एवं उन्हें सक्षम बनाया, ताकि वह सेंटर का इंचार्ज बनकर शिव बाबा का ज्ञान घर घर तक पहुंचा सके। ब्रह्माकुमारी संस्था में किसी भी कुमारी को सेंट्रर इचार्ज बनने से पहले मुख्यालय जाकर ट्रेनिंग लेनी पड़ती है और दादी जी अनेक कन्याओं को शिव बाबा से जोड़ने की निमित्त बनी इसीलिए दादी जी को युवा दादी के नाम से संबोधित किया जाता था। उनका जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।   शांत स्वरूपा दादी जी का जीवन मानवता के लिए समर्पित था, उन्होंने इस संस्थान को दुनिया के कई देशों तक पहुंचाने का महान कार्य किया है, हजारों विदेशियों को शिव बाबा की याद मे पवित्र जीवन जीने के लिए प्रेरित किया, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
          दादी जी का जाना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूर्व क्षति है, क्योंकि ब्रह्माकुमारी संस्था ने उनके निर्देशन में बड़ी ऊंचाइयां प्राप्त की है।  दादी जी के निर्देशन में संस्थान ने स्वच्छता से लेकर कृषि ग्राम विकास एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है। अंतिम दिनों में वह उपराम अवस्था को प्राप्त कर चुकी थी।
      इस अवसर पर बड़ी संख्या में बी के भाई बहनों ने उपस्थित होकर दादी जी को अपनी श्रद्धांजलि दी।
______________________________________________
खबर02
______________________________________________
खबर03
______________________________________________
खबर04

वृक्ष धरा के भूषण दूर करें प्रदूषण : प्रो. दुर्गेश पंत 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 22 अप्रैल 2025: पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के तत्वावधान में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया, जिसमें विभाग वाद-विवाद प्रतियोगिता व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
          इसमे छात्र-छात्राओं ने कहा कि बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग की जागरूकता बढ़ाना है और पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करना है। यह दिन हमें अपनी पृथ्वी को बचाने के लिए संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही विभाग की छात्र मयंक ने पृथ्वी को बचाने के कुछ तरीकों के बारे में भी बताया जैसे वृक्षारोपण करना, जो हमारे पर्यावरण को संतुलित बनाने में मदद करता है, प्रदूषण कम करना, वर्षा जल संचयन आदि। 
          छात्र संदीप ने बताया कि पृथ्वी दिवस मनाने की शुरुआत 1970 में हुई थी जब पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और इसे बचाने की दिशा में सामूहिक कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की गई थी। 
          छात्र वंश चोपड़ा ने कहा कि आज यह पूरी दुनिया के देशों में मनाया जा रहा है। हमें भी आज एक संकल्प लेना है इस पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त करना है।
          इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक अनूठी पहल के लिए संकल्प लिया कि जिसमें उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा के जन्म दिवस पर उस दिन एक छायादार, फलदार पेड़ परिसर में रोपित करेगा और उसकी पूरे 3 सालों तक देखभाल करेगा। इसके साथ ही विभाग के कुछ छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से धरती को सुरक्षित रखने के तरीकों को दर्शाया व बताया।
          इस अवसर पर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन के जोशी ने सभी को शुभकामनाएं सहित अपना आशीर्वाद प्रदान किया  व यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पन्त ने कहा की पर्यावरण संरक्षण आज के दौर में अति संवेदनशील मुद्दा है सभी को एकजुट होकर इस पर कार्य करना चाहिए, यूकोस्ट द्वारा इस हेतु अनेको कार्यक्रम स्कूल, कॉलेज व जन-समुदाय के बीच में आयोजित किया जा रहे हैं और जागरूकता फैलाई जा रही है।
          साथ ही विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश के निदेशक
प्रो. एम.एस. रावत ने छात्र छात्राओं के इन प्रयासों को सराहा व शुभकामनाएं दी ।
          इस मौके पर विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने अस्वस्थ होने के कारण अपने संदेश में कहा कि यूकॉस्ट द्वारा पर्यवारण संरक्षण के लिए अनेको कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं अतः सभी छात्रों को जागरूक होने की जरूरत है। 
          इस कार्यक्रम में एमएलटी विभाग के अर्जुन पालीवाल, सफिया हसन, देवेंद्र भट्ट, निशांत भाटला व सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
______________________________________________
खबर05

यूसर्क द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान एवं यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों में विश्व पृथ्वी दिवस कार्यक्रमों का भव्य आयोजन 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 22 अप्रैल 2025: उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) देहरादून द्वारा आज दिनांक 22 अप्रैल 2025 कोविश्व पृथ्वी दिवस पर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
          कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अनीता रावत ने अपने अध्यक्षीय  उद्बोधन में कहा कि पृथ्वी का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है । प्रोफेसर रावत ने कहा कि हमें अपनी परंपरागत विज्ञान आधारित परंपराओं से जुड़ते हुए पृथ्वी का संरक्षण करना होगा । आज जलवायु परिवर्तन एवं मानवीय गतिविधियों के कारण बदली हुई पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक "Holistic Approach" से आगे बढ़ने की आवश्यकता है जिससे आने वाले समय में न केवल पृथ्वी का संरक्षण होगा बल्कि इस पर निवास करने वाले जीव जंतुओं और मनुष्य मात्र का जीवन भी सुरक्षित हो सकेगा। प्रोफेसर रावत ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति प्रेम आधारित जीवन पद्धति ही हमारे आने वाले भविष्य को सुखमय और सुरक्षित बन सकती है इसलिए हम सभी को अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करना पड़ेगा तभी पर्यावरण और पृथ्वी का सही अर्थों में संरक्षण हो सकेगा। प्रोफेसर रावत ने बताया की यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों में विश्व पृथ्वी दिवस कार्यक्रमों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न जनपदों में किया जा रहा है।
          यूसर्क वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने विश्व पृथ्वी दिवस 2025 की थीम "अवर पावर, अवर प्लेनेट" विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने प्रकृति के पंचमहाभूतों के संरक्षण के साथ ही ऊर्जा संरक्षण विषय पर विस्तार से पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को समझाया। डॉ. शर्मा ने ऊर्जा के नवीकरणीय एवं गैर-नवीकरणीय स्रोतों पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को अपनाए जाने पर विशेष बल दिया जिससे न केवल पृथ्वी को सुरक्षित रखा जा सकता है बल्कि आने वाले समय में ऊर्जा की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ विगत 10 वर्षों में सौर ऊर्जा आधारित भारत की समृद्धता पर आंकड़ों के माध्यम से बताया तथा पानी बचाने, पेड़ लगाने, और पॉलिथीन हटाने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने "हरित घर" आधारित अवधारणा पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
          कार्यक्रम में यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ ओमप्रकाश नौटियाल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विश्व पृथ्वी दिवस के इतिहास तथा इसको मनाए जाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण आधारित कार्यों को करने पर बल दिया तथा विभिन्न गतिविधियों से उत्पन्न होने वाली हानिकारक गैसों से बचाव हेतु व्यापक वृक्षारोपण कार्यों को करने पर प्रकाश डाला।
          वैज्ञानिक डॉ मंजू सुंदरियाल ने प्रकृति में जैव विविधता के संरक्षण के साथ ही इकोसिस्टम सर्विसेज पर प्रकाश डाला तथा एक पेड़ की वास्तविक कीमत को समझाया।
          वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह राणा ने कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उपस्थित सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में यूसर्क विज्ञान चेतना केंद्रों तथा यूसर्क स्टैम प्रयोगशालाओं के 25 से अधिक विद्यालयों के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग करने के साथ ही जिज्ञासा समाधान भी प्राप्त किया गया। यूसर्क के सभी वैज्ञानिकों के साथ-साथ यूसर्क के इंजीनियर उमेश जोशी, ओम प्रकाश, राजदीप जंग आदि के द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
______________________________________________
खबर06
______________________________________________
खबर07

भारती शिक्षा निकेतन ने बोर्ड परीक्षा मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने बच्चो और उनके अभिभावको को किया सम्मानित भारती

स्पष्ट एक्सप्रेस।
ऋषिकेश, 22 अप्रैल 2025: शिक्षा निकेतन चकजोगीवाला में हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में विद्यालय के 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 13 छात्र/छात्राओं और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया ।
          मंगलवार को मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र सिंह नेगी व जोगीवाला माफी के निवर्तमान ग्राम प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा ने बच्चों को सम्मानित किया। देवेंद्र नेगी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। 
          इस अवसर पर छात्र, छात्राओं व उनके अभिभावकों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों को उत्तराखंड बोर्ड की मेरिट लिस्ट बनाने पर स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रोत्साहन के लिए 5-5 हजार रुपये के चैक भी प्रदान किए गए। प्रधानाचार्य जटे सिंह चौहान ने बच्चों व शिक्षकों की मेहनत को सराहते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर अपनी लग्न, मेहनत और कठिन परिश्रम से इस पल को संभव बनाने वाले विद्यालय के अनुभवी अध्यापक,अध्यापिकाएं मौजूद  रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के उप प्रधानाचार्य वी एस बिष्ट ने किया।
______________________________________________
खबर08

भगवान बद्रीनाथ की अभिषेक के लिए नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में पिरोया गया तिलो का तेल 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
नरेंद्रनगर, 22 अप्रैल 2025: भगवान बद्री विशाल की अभिषेक के लिए नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में महारानी राजलक्ष्मी शाह की अगुवाई में सुहागिन महिलाओं के साथ पिरौया गया तिलों का तेल।
          धरती पर बैकुंठ धाम कहे जाने वाले भगवान बद्री विशाल के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में टिहरी की सांसद व महारानी /राजलक्ष्मी शाह की अगुवाई में नगर की सुहागी महिलाओं द्वारा व्रत रखते हुए पीले वस्त्र धारण कर मुसल, ओखली व सिलबट्टे से तिलों का तेल पिरोया गया। तिलों का तेल के लिए विशेष जड़ी बूटी डालकर खास बर्तन में तेज आंच में पकाने के बाद चांदी के तेज क्लास में परिपूरित किया गया।
          राजमहल में पहुंचे डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत बद्रीनाथ धाम के पुजारी तेल से परिपूरित कलश की विधिवत पूजा अर्चना करने के पश्चात राज परिवार सहित तेल पुरोने आई सुहागिन महिलाओं को भोग लगाने के बाद राज परिवार द्वारा तेल कलश (गुड्डू घड़ी) डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत को सौपा जाएगा। तेल पिरोने में नगर की 70 से अधिक महिलाओं  के द्वारा तेल पिरौया गया ।
          आगामी 4 मई को आम श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे भगवान बद्री विशाल के कपाट। इस मौके पर महारानी राजलक्ष्मी शाह ने कहा कि करोड़ों करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने देश के कोने-कोने से श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने अवश्य पहुंचे उन्होंने भगवान बद्रीनाथ से देश-विदेश में रहे लोगों की सुख समृद्धि की भी कामना की ।
          इस अवसर पर महारानी राजलक्ष्मी शाह की पुत्री श्रीजा शाह, केंद्रीय धार्मिक पंचायत के शैलेंद्र डिमरी, संजय डिगरी, अरविंद डिमरी, हरीश डिमरी, दिवाकर डिमरी आदि उपस्थित थे।
______________________________________________
खबर09

फूड प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोग बीमार, स्थिति सामान्य 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
नरेंद्रनगर, 22 अप्रैल 2025: 
फूड प्वाइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोग बीमार हो गए जिन्हें 108 एवं निजी वाहनों से श्री देव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जहां पर चारों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
          प्रात जानकारी के अनुसार नरेंद्रनगर प्रखंड के ग्राम सभा कोटी बनाली  निवासी इंद्र सिंह नेगी पुत्र स्वर्गीय मंगत सिंह नेगी उमर 90 वर्ष उनकी धर्मपत्नी बचनी देवी उम्र 87 वर्ष उनके पुत्र धूम सिंह नेगी उम्र 56 वर्ष एवं धूम सिंह नेगी की बहू बैसाखी देवी उम्र 54 वर्ष में सोमवार की रात्रि भोजन के बाद खरबूजा खा लिया जिससे उन्हें कुछ समय बाद बुखार उल्टी पेचिश शुरू हो गए। जब चारों की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो 108 को फोन किया गया तथा आज सुबह उन्हें 108 एवं निजी वाहनों के माध्यम से यहां श्री देव सुमन  जिला चिकित्सालय नरेंद्र नगर में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों द्वारा उपचार करने के बाद चारों रोगियों की स्थिति सामान्य बताई गई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुनीता कुमारी ने बताया कि चारों मरीज़ खतरे से बाहर है।
______________________________________________
खबर10

भूविज्ञान के विद्यार्थियों ने जाना अंतरिक्ष और धरती का  रहस्य 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 22 अप्रैल 2025: बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के भूविज्ञान विभाग के स्नातक छठे सेमेस्टर के छात्रों ने एक विशेष शैक्षणिक दौरे के अंतर्गत वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के साथ-साथ भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान  एवं देहरादून स्थित प्रसिद्ध भू-आकृतिक स्थल सहस्त्रधारा का भ्रमण किया।
          दौरे के प्रथम चरण में छात्रों ने  भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान  का अवलोकन किया, जो अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार के अधीन एक अग्रणी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान है। वर्ष 1966 में स्थापित इस संस्थान में मौजूद सेटेलाइट आधारित संग्रहालय छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यहाँ पर छात्रों ने सेटेलाइट, स्पेस सूट और अन्य अंतरिक्ष संबंधी तकनीकी उपकरणों को देखा और समझा। इस अवसर पर डॉ. हरिशंकर श्रीवास्तव, ग्रुप डायरेक्टर, पीपीईजी और  जावेद (वरिष्ठ सहायक) ने छात्रों को भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान  की कार्यप्रणाली, अंतरिक्ष विज्ञान में उसकी भूमिका, तथा पृथ्वी अवलोकन से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने सैटेलाइट डाटा, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीकों के उपयोग को व्यावहारिक दृष्टि से समझाया। विभाग के शिक्षक डॉ. सौरभ बर्मन ने इस ज्ञानवर्धक सत्र के लिए ग्रुप डायरेक्टर का धन्यवाद ज्ञापित किया।
          इसके पश्चात छात्रों ने देहरादून से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल सहस्त्रधारा का भ्रमण किया। डॉ. सौरभ बर्मन ने बताया कि यह स्थल भूविज्ञान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ पाए जाने वाले सल्फर युक्त जलप्रपात त्वचा रोगों की प्राकृतिक चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध हैं। चूने के स्टैलेक्टाइट्स, गंधक की प्रचुरता, और लगातार टपकते जल की गुफाएँ इसे एक अनोखी भू-आकृति बनाती हैं। स्थानीय किंवदंती के अनुसार, गुरु द्रोणाचार्य ने यहाँ तपस्या की थी और उनकी तीरों की वर्षा से यह जलधारा उत्पन्न हुई थी। सहस्त्रधारा की गुफाएँ, गंधक युक्त जल और प्राकृतिक रूप से तराशी गई शिलाएँ विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत प्रयोगशाला की तरह रहीं।
          दौरे के अंत में डॉ. वर्तिका शुक्ला ने छात्रों द्वारा पूछे गए भूविज्ञान संबंधित प्रश्नों का उत्तर दिया और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे अपने शोध एवं अध्ययन में इस अनुभव को सार्थक रूप से सम्मिलित करें।
          छात्रों ने इस अध्ययन यात्रा के सफल आयोजन के लिए विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार, डॉ. सौरभ बर्मन, डॉ. वर्तिका शुक्ला तथा समस्त शिक्षकों का आभार प्रकट किया।
यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल छात्रों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि उन्हें धरती और आकाश के अद्भुत रहस्यों को जानने और समझने का अवसर भी मिला।
______________________________________________
खबर11
______________________________________________
खबर12

हाईवे निकासी नाली का मलबा सड़क पर फैलाकर चलता बना जेसीबी 

स्पष्ट एक्सप्रेस।
देहरादून, 22 अप्रैल 2025: हाईवे की निकासी नाली कूड़े और कीचड़ से अटी पड़ी थी, जिसे जेसीबी से निकालकर हाईवे किनारे फैला दिया गया। 
          गढ़ी मोड़ पर फैली निकासी नाली की बदबूदार गंदगी से लोगों का बुरा हाल है। समीप के दुकानदार ने बताया कि एक जेसीबी ने नाली की सफाई कर सारी गंदगी सड़क किनारे डालकर चलता बना। जो दो दिन से पड़ी है।
______________________________________________

अंतिम संस्कार हेतु शव वाहन पर संपर्क करें।

______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________
______________________________________________


Post a Comment

0 Comments