खबर 01
7 सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो ठेकेदार उग्र आंदोलन को होंगे बाध्य : शीशपाल पोखरियाल
ऋषिकेश, 27 मार्च 2025: राजकीय ठेकेदार महासंघ ने उत्तराखंड सरकार पर ऋषिकेश के पंजीकृत ठेकेदारों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी सात सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होगें। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बुधवार को आईएसबीटी स्थित ऋषिकेश प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजकीय ठेकेदार महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने बताया कि ठेकेदार महासंघ की मुख्य मांगें बड़ी योजनाओं को विभक्त कर छोटी योजनाओं की निविदा के माध्यम से लगाए जाने, रॉयल्टी की वसूली ठेकेदारों से नहीं लिए जाने, विभाग में पंजीकरण की प्रक्रिया को सरलीकरण करने और ‘ए’ क्लास से नीचे अवर अभियंता की बाध्यता को खत्म करने, 5 करोड़ तक की निविदा को सिंगल बिड सिस्टम सेक्स करने, ऋषिकेश के ठेकेदारों को देहरादून और हरिद्वार में काम नहीं मिलता जबकि बाहर के ठेकेदारों को ऋषिकेश में कार्य मिल जाता है। इस विसंगति को दूर करने, विभाग द्वारा 2018 में जो रेट तय किए गए थे, उन्हें बढावा नहीं गया है उन्हें बढाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य योजना के अंतर्गत ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ श्यामपुर, चोपड़ा फार्म, बलजीत फॉर्म में बड़ी निविदा बड़ी करके लगाई गई है, उससे छोटे ठेकेदारो पर रोजगार का असर पड़ा है। जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट आन पड़ा है। आज 95 प्रतिशत ठेकेदार काम के अभाव में खाली बैठे है। उन्होंने बताया कि विभाग की मिलीभगत से लोनिवी द्वारा कुछ चुनिंदा ठेकेदारो को काम दिया जा रहा है।
महासंघ के संरक्षक संजय पोखरियाल ने कहा कि प्रदेश में सभी छोटे ठेकेदारों को वर्तमान समय में कार्य करने में कई कठिनाईओं का सामना कारना पड़ रहा है। कहा कि विभागों द्वारा टेंडर की प्रक्रिया की विज्ञप्ति भी स्थानीय समाचार पत्रों में नहीं बल्कि बाहर के समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाती है जिसकी जानकारी स्थानीय ठेकेदारों को नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि महासंघ का प्रतिनिधि मंडल अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर विभागीय मंत्री, सचिव और विभाग के अन्य अधिकारियों से ज्ञापन के माध्यम से कई बार मिल चुका है और अपनी मांगों के निराकरण की मांग कर चुका है मगर स्थिति जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी इन सात सूत्रीय मांगों का निराकरण जल्द नहीं किया तो महासंघ उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। जिसकी पूरी जानकारी सरकार की होगी।
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खबर 02
चिपको आंदोलन की 52वीं वर्षगांठ पर गौरा देवी की प्रतिमा पर महापौर शंभू पासवान ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
ऋषिकेश, 27 मार्च 2025: बुधवार को चिपको आंदोलन की 52वीं वर्षगांठ के अवसर पर गौरा देवी चौक स्थित गौरा देवी की प्रतिमा पर महापौर शंभू पासवान ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर महापौर शंभू पासवान ने कहा कि गौरा देवी द्वारा चिपको आंदोलन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके द्वारा किए गए आंदोलन वृक्षों एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए वृक्षों एवं पर्यावरण के प्रति अपनत्व का भाव पैदा करने वाला आंदोलन रहा है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुमित पवार, देवदत्त शर्मा, पार्षद राजू बिष्ट, चंदू यादव, मोहित गुप्ता, सुजीत यादव, संजय ध्यानी, कृष्ण मंडल, राकेश, रोहन, सूरज कुमार आदि मौजूद रहे।
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खबर 03
यूसीसी पोर्टल पर विवाह पंजीकरण विषयक कार्यशाला का हुआ आयोजन
रायपुर, 27 मार्च 2025: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर देहरादून के राजनीतिशास्त्र विभाग द्वारा उत्तराखंड सरकार के यूसीसी पोर्टल पर विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया के विषय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ.सरिता तिवारी द्वारा उक्त पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करना है और किन किन प्रमाणपत्रों को अपलोड करना है, इस बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने विवाह पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे पति पत्नी की फोटो, वैकल्पिक दस्तावेज में विवाह आमंत्रण पत्र, अतिरिक्त दस्तावेज में संविधिक प्रावधान का प्रमाण, तलाक फरमान, जीवन साथी का मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराखंड के निवासी के प्रमाण हेतु अधिवास प्रमाण पत्र, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, पुराना बिजली का बिल, किरायेदार सत्यापन प्रमाण पत्र, पासपोर्ट उद्धरण (उन लोगों के लिए जो भारत के अलावा अन्य देशों के नागरिक है) पर समस्त स्टाफ को अवगत कराया।
महाविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं यूसीसी पोर्टल पर स्टाफ की विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को देख रहे विनोद मेहरा ने जानकारी देते हुए कहा कि आयु के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र, 10 कक्षा की मार्कशीट, पेन कार्ड, पासपोर्ट में से किसी एक को अपलोड किया जा सकता है। 27 जनवरी 2025 से पूर्व के विवाहों के लिए एक स्वघोषणा या सूचीबद्ध दस्तावेज जमा करना आवश्यक है जैसे-विवाह समारोह करने वाले अधिकारी द्वारा जारी विवाह समारोह पत्र।
कार्यालय की वरिष्ठ सहायिका गुंजन रावत ने बताया कि 26 मार्च 2010 के बाद हुए विवाहों का पंजीकरण यूसीसी पोर्टल पर सभी के लिए अनिवार्य है। महाविद्यालय में अभी तक 5 लोगों द्वारा विवाह का पंजीकरण किया गया है।शेष की प्रक्रिया चल रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो.सविता वर्मा, प्रो.ज्योति खरे, डॉ.आशुतोष मिश्रा, डॉ.रामचंद्र नेगी, डॉ.शैलेन्द्र सिंह, डॉ.धर्मेंद्र कुमार, पुस्तकालयाध्यक्ष श्रीमती ममता राजपूत, कार्यालय से भानुप्रिया, बसंत, रोहित कुमार मौजूद रहे।
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स्पष्ट एक्सप्रेस।
बुधवार प्रातः छह बजे नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के खाराश्रोत स्थित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र से धुंए का गुबार उठने लगा और देखते ही देखते आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंची अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने फायर विभाग नरेंद्रनगर को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का कार्य शुरू किया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने बताया कि आग की चपेट में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में रखी ट्रेसकॉन मशीन, कॉम्पेक्टर, दो श्रेडर मशीन और एक रिक्शा आए हैं। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सीसीटीवी की फुटेज का निरीक्षण किया जा रहा है और इस सम्बन्ध में अज्ञात के विरूद्ध मुनिकीरेती थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।
स्पष्ट एक्सप्रेस।
खबर 04
धूमधाम से मनाया गया किद्दूवाला राजकीय प्राथमिक विद्यालय का वार्षिकोत्सव, वसुंधरा संस्था ने बच्चों को कराई टीशर्ट उपलब्ध
देहरादून, 27 मार्च 2025: राजकीय प्राथमिक विद्यालय किद्दूवाला का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस दौरान वसुंधरा संस्था ने छात्र-छात्राओं को टी शर्ट उपलब्ध करवाई।
बुधवार को आयोजित वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेश सेठी, खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता गौड़, उपशिक्षा अधिकारी भूपेंद्र ढौडियाल व वसुंधराा संस्था की पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत नन्हें मुन्ने बच्चों ने सरस्वती वंदना से की। इसके बाद कक्षा पांच के छात्रों ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध फूलदेई त्यौहार की झांकी निकाली। जिसे अतिथियों व अभिभावकों ने खूब सराहा।
मुख्य अतिथि राजेश सेठी ने कहा कि वार्षिकोत्सव जैसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभाओं को मंच मिलता है। कार्यक्रम के दौरान वसुंधरा संस्था की प्रियंका नेगी ने कहा कि सरकारी शिक्षक सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम दे रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के साथ ही संसाधनों का भी अभाव रहता है, बावजूद इसके विद्यालयों में तैनात शिक्षक अपनी मेहनत से संसाधन विहीन बच्चों की प्रतिभा को तरास रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रियंका नेगी, सरिता पेटवाल व रीता सेमवाल ने बच्चों को टी-र्शट उपलब्ध करवाई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील मैखुरी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजेंद्र रमोला ने किया।
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खबर 05
गंगा का भौतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है : प्रो विनोद प्रकाश
रायपुर (मालदेवता), 27 मार्च 2025: राष्ट्रीय गंगा एवं इसकी सहायक नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति आम जनमानस में जागरूकता एवं संवेदीकरण की दृष्टिकोण से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर के नमामि गंगे प्रकोष्ठ के तत्वाधान में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल कीअध्यक्षता में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहां कि गंगा का हमारे लिए भौतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सभी प्रकार का महत्व है। हमें जन सहभागिता से इसकी पवित्रता का संरक्षण करना चाहिए
'नमामि गंगे परियोजना' की नोडल अधिकारी डॉ. कविता काला ने कहा कि पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण की दृष्टि से विकसित भारत के लिए गंगा की स्वच्छता अनिवार्य है। नमामि गंगे के सदस्य डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति और संकल्प से ही गंगा को गंदगी से मुक्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. यतीश वशिष्ठ, प्रो. एमएस पंवार, प्रो. ज्योति खरे, प्रो. जीसी डंगवाल, प्रो. सविता वर्मा, डॉ. अनीता चौहान, डॉ. धर्मेंद्र राठौर, डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. सरिता तिवारी, डॉ. बेबनी, डॉ. वाई सी नैनवाल, डॉ. रामचंद्र सिंह नेगी, डॉ. रेखा चमोली, डॉ. मनीषा एवं शिक्षेणतर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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खबर 06
नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के खाराश्रोत स्थित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में लगी आग, 5 घंटे की कड़ी मशक्कत से पाया काबू
मुनिकीरेती, 27 मार्च 2025:
नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती- ढालवाला के खाराश्रोत स्थित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में आग लगने से कई मशीनें जलकर स्वाहा हो गई। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग में काबू पाया जा सका।
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खबर 07
टीएचडीसीआईएल द्वारा नैतिक शासन और जीवनशैली के रूप में सतर्कता को बढ़ावा देने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया
ऋषिकेश, 25 मार्च, 2025: टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, विद्युत क्षेत्र का एक अग्रणी सार्वजनिक उपक्रम है तथा पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और नैतिक शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर सदैव दृढ़ है। अपने निरंतर सतर्कता प्रयासों के अंतर्गत कंपनी ने 25 से 27 मार्च 2025 तक अल्लेप्पी, केरल में वार्षिक सतर्कता बैठक 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कॉर्पोरेट प्रशासन और नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया, और इस बात पर बल दिया कि सतर्कता केवल एक नियामक अनिवार्यता नहीं, बल्कि संगठनात्मक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण का एक मूलभूत स्तंभ भी है।
आरके विश्नोई ने कहा कि टीएचडीसीआईएल का सतर्कता विभाग सक्रिय और दूरदर्शी संगठनात्मक दक्षता और शासन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। उन्होंने आगे रेखांकित करते हुए कहा कि सतर्कता को संगठन के प्रत्येक स्तर में गहराई समाहित किया जाना चाहिए। "सतर्कता केवल कुछ व्यक्तियों का दायित्व नहीं है; यह एक सामूहिक कर्तव्य भी है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह, साथ ही टीएचडीसीआईएल की मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सुश्री रश्मिता झा (आईआरएस) की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह ने सभी स्तरों पर सतर्कता को सुदृढ़ करने में क्षमता निर्माण और कर्मचारी संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, "मजबूत नैतिक नींव दीर्घकालिक संगठनात्मक सफलता की ओर ले जाती है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारे कर्मचारी अपने पेशेवर आचरण के हर पहलू में सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हैं।"
शैलेंद्र सिंह ने आगे कहा कि, "सत्यनिष्ठा और निष्पक्ष व्यवहार केवल कॉर्पोरेट मूल्य नहीं हैं, बल्कि एक प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। जब एक संगठन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करता हैं, तो वे अधिक न्यायपूर्ण और समतापूर्ण आर्थिक प्रणाली में योगदान देते हैं, जिससे कर्मचारियों, व्यवसायों और आम जनता सहित सभी हितधारकों को लाभ मिलता है।
सभा को संबोधित करते हुए, शैलेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण और सार्थक संस्कृत श्लोक, "धर्मो रक्षति रक्षितः" (जब हम धर्म की रक्षा करते हैं, तो धर्म हमारी भी रक्षा करता है) के साथ समापन किया, जिसमें यह बल दिया गया कि सत्यनिष्ठा और नैतिक शासन एक मजबूत और स्थायी संगठन के आधार हैं।
बैठक के दौरान, टीएचडीसीआईएल की सीवीओ, सुश्री रश्मिता झा (आईआरएस) ने संगठनात्मक सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सतर्कता जागरूकता सप्ताह (वीएडब्ल्यू) 2024 के सफल आयोजन पर भी प्रकाश डाला। अगस्त और नवंबर 2024 के मध्य आयोजित अभियान, "राष्ट्र की समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा की संस्कृति" विषय पर केंद्रित था, जिसमें कर्मचारियों, हितधारकों और जनता की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।
इस कार्यक्रम में वैश्विक भ्रष्टाचार विरोधी मानकों के साथ संरेखित करने के लिए एंटी-ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम (एबीएमएस) (आईएसओ 37001:2016) के कार्यान्वयन और अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए शिकायत निवारण मॉड्यूल के उन्नयन सहित सतर्कता तंत्र को मजबूत करने में टीएचडीसीआईएल की प्रगतिशील पहलों को भी प्रदर्शित किया गया।
इस बैठक में विद्युत क्षेत्र में टीएचडीसीआईएल की हालिया उपलब्धियों को भी दर्शाया गया, जिसमें 1320 मेगावाट खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की कमीशनिंग, टिहरी में 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) का सफल ड्राई रन और सिंगरौली, मध्य प्रदेश में अमेलिया कोयला खदानों का निर्धारित समय से पहले संचालन शामिल है। ये उपलब्धियां कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञता, प्रबंधकीय उत्कृष्टता और जिम्मेदार कॉर्पोरेट सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।
कार्यक्रम में संगठन से लगभग 25 सतर्कता अधिकारियों ने भाग लिया, जिन्होंने निवारक सतर्कता, कॉर्पोरेट नैतिकता और सुशासन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञानवर्धक सत्रों में भाग लिया।
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खबर 08
भारत मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन विद्यालय प्रांगण एवं उसके आसपास सफाई अभियान चलाया गया
ऋषिकेश, 27 मार्च 2025: ऋषिकेश पंडित ललित मोहन शर्मा श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश का भारत मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन विद्यालय प्रांगण एवं उसके आसपास सफाई की गई और योगाभ्यास किया गया। उसके बाद नशा मुक्ति जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
दोपहर के समय नेगी आई केयर द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राजे सिंह नेगी के दिशा निर्देशन में निशुल्क आंख जांच शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर डॉ राजे सिंह नेगी ने छात्राओं की आंखों की जांच करते हुए उन्हें चिकित्सीय परामर्श दिया. इसके साथ ही उन्होंने जरूरतमंद छात्राओं को अपनी ओर से मुफ्त में दवाइयां भी दी इस दौरान डॉ नेगी ने छात्र छात्राओं को मोबाइल फोन को कम देखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि आंखें हमारे शरीर के बहुमूल्य अंग हैं, इसलिए इसकी देखभाल सही तरीके से की जानी आवश्यक है, अपनी आंखों की नियमित जांच करवाने के अलावा, अपनी आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के कुछ सरल तरीके भी हैं स्वस्थ आहार खाएं, जिसमें पालक और केल जैसी पत्तेदार सब्जियां शामिल हों ऐसे धूप के चश्मे पहनें जो सूर्य से आने वाली हानिकारक UV-A और UV-B विकिरण को 99 से 100 प्रतिशत तक रोक दें धूम्रपान छोड़ना यदि आप स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित करने में बहुत समय बिताते हैं तो 20-20-20 नियम का पालन करें - हर 20 मिनट में, 20 सेकंड के लिए अपने सामने लगभग 20 फीट की दूरी पर देखें स्वस्थ आंखें आपके समग्र स्वास्थ्य का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। नियमित रूप से आंखों की जांच करवाकर और अपनी आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखकर, आप निकट भविष्य में और आने वाले वर्षों में खुद को दृष्टि और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अशोक कुमार मेंदोला कार्यक्रम अधिकारी डॉ पारुल मिश्रा एवं डॉ सीमा बेनीवाल ने भी अपने विचार रखे शिविर में 117 बच्चों की आंखों का परीक्षण किया गया इस अवसर पर कमलेश सकलानी अंजू एवं 150 से अधिक स्वयंसेवी उपस्थित रहे।
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खबर 09
कैंपटी जलप्रपात का भूवैज्ञानिक अध्ययन:
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने जाना भू-संरचना और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्व
मसूरी, 27 मार्च 2025: बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के भूविज्ञान विभाग के स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों ने केम्प्टी जलप्रपात, मसूरी का व्यापक भूवैज्ञानिक अध्ययन किया। इस शैक्षणिक यात्रा का नेतृत्व डॉ. अनूप कुमार सिंह ने किया, जिन्होंने छात्रों को केम्प्टी जलप्रपात की भौगोलिक स्थिति, भू-संरचना और पारिस्थितिकी तंत्र की महत्ता से अवगत कराया।
केम्प्टी जलप्रपात: एक प्राकृतिक आश्चर्य
डॉ. सिंह ने बताया कि केम्प्टी जलप्रपात उत्तराखंड के मसूरी शहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात समुद्र तल से 1364 मीटर की ऊंचाई पर 78°-02' पूर्व देशांतर और 30°29' उत्तर अक्षांश पर स्थित है। इसकी जलधाराएँ पहाड़ों के घने जंगलों से निकलकर 4500 फीट की ऊंचाई से गिरती हैं और 40 फीट ऊँचे झरने का निर्माण करती हैं, जो अंततः एक तालाब में समाहित हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ क्रोल बेल्ट की प्रोटेरोज़ोइक-कैम्ब्रियन चट्टानें पाई जाती हैं, जिन्हें मुख्य सीमा थ्रस्ट के साथ नियोजीन तलछटी चट्टानों (सिवालिक समूह) पर धकेला गया है। यह भूवैज्ञानिक संरचना क्षेत्र के भूस्खलन और जल बहाव को प्रभावित करती है।
वनस्पति और पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन
डॉ. सिंह ने बताया कि केम्प्टी फॉल क्षेत्र भूविज्ञान और वनस्पति विज्ञान के लिए भी महत्वपूर्ण है। भूविज्ञान मिट्टी और वनस्पति के वितरण को प्रभावित करता है, जिससे विभिन्न प्रकार की जैव विविधता विकसित होती है। मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले जंगलों में ओक, पाइन, शीशम और मिश्रित वनस्पतियाँ प्रमुख रूप से पाई जाती हैं।
यहाँ मुख्य रूप से क्वेरकस ल्यूकोट्रिचोफोरा (ओक), पिनस रोक्सबर्गी (पाइन), डालबर्गिया सिस्सू (शीशम), बौहिनिया वेरिएगाटा, अकेशिया कैटेचू, कैसिया फिस्टुला और टर्मिनलिया बेलेरिका जैसी वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। इन वनस्पतियों की विविधता भूगर्भीय संरचना और मिट्टी की विशेषताओं पर निर्भर करती है।
भूस्खलन और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
डॉ. सिंह ने बताया कि हाल के वर्षों में केम्प्टी जलप्रपात क्षेत्र में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएँ बढ़ी हैं। इस क्षेत्र में अत्यधिक ढलान वाली चट्टानें, विशेषकर क्रोल चूना पत्थर , अधिक संवेदनशील हैं। 60 डिग्री से अधिक ढलान वाली इन चट्टानों पर भू-स्खलन की संभावना बनी रहती है।
जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा पैटर्न में बदलाव आ रहा है, जिससे कटाव की दर बढ़ रही है। भारी बारिश से अपक्षय और सतही जल प्रवाह बढ़ जाता है, जो भू-स्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाओं को जन्म देता है।
केम्प्टी जलप्रपात: जैव विविधता का केंद्र
केम्प्टी फॉल क्षेत्र वन्यजीवों का भी प्रमुख निवास स्थान है। यहाँ सफेद कलगीदार कलीज तीतर, नीला रॉक कबूतर, अग्नि पूंछ वाला सनबर्ड, व्हिसलिंग थ्रश, सफेद टोपी वाला वाटर रेडस्टार्ट और लाल चोंच वाला नीला मैगपाई जैसे पक्षी पाए जाते हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में तेंदुए और विभिन्न प्रकार की तितलियाँ भी देखी जाती हैं।
छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक यात्रा
इस अध्ययन यात्रा के दौरान छात्रों ने मसूरी पहाड़ियों की भूगर्भीय संरचना का भी गहन अध्ययन किया। डॉ. पवन कुमार गौतम और डॉ. प्रियंका सिंह ने भी छात्रों के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया।
छात्रों ने इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा के आयोजन के लिए भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार एवं अन्य शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस यात्रा से छात्रों को भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं, पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
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