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खबर 1
सुविधाओं की बाट जोह रही चारधाम यात्रा की प्रथम चट्टी
ऋषिकेश, 27 फरवरी 2025: जहां प्रशासन चार धाम यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं हरिद्वार-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लगभग 500 वर्ष से अधिक पुराना श्री सत्यनारायण मंदिर चारधाम यात्रा का प्रथम पड़ाव होने के बावजूद प्रशासन की अनदेखी और उदासीनता के चलते सुविधाओं से वंचित है।
श्री सत्यनारायण मंदिर जहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु सालभर दर्शनार्थ आते रहते हैं। लेकिन प्रशासन आज तक एक सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं कर पाया। और सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान का ढिंढोरा पीटा जाता है।
सरकार द्वारा जितना पैसा जगह जगह पोस्टरों, बैनरों, विज्ञापनों पर पैसा खर्च किया जाता है उतने पैसों से धरातल पर हाईटेक शौचालय बनाया जा सकता है।
बहरहाल, श्री सत्यनारायण मंदिर परिसर राजाजी नेशनल पार्क से घिरा हुआ है। और श्रद्धालुओं को शौच के लिए जंगल का रुख करना पड़ता है, जो जंगली जानवरों से भरा पड़ा है। मंदिर परिसर के आसपास जंगली जानवरों का भय बना रहता है। बेसुध प्रशासन सिर्फ "जंगली जानवरों से सावधान रहें" का बोर्ड लगाने तक ही सीमित है।
जबकि 05 फरवरी को चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय ऋषिकेश में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे की अध्यक्षता में चार धाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें बताया गया था कि 26 फरवरी को शिवरात्रि के दिन श्री केदारनाथ धाम के कपाट की तिथि एवं मुहूर्त निकलेगा, इसके पश्चात चार धाम यात्रा प्रारंभ हो जाएगी।
श्री सत्यनारायण मंदिर से कुछ 100 मीटर की दूरी पर ही नेपाली फार्म तिराहे की स्थिति भी कुछ इसी तरह की है। जहां पर भी प्रशासन द्वारा शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके लिए वर्ष 2021 से मांग उठाई जाती रही है। तिराहे के एक तरफ राजाजी नेशनल पार्क है। नेपाली फार्म तिराहा ऋषिकेश-हरिद्वार-देहरादून जाने का तिराहा है, जहां साल भर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। जहां पर पर्यटन सीजन के समय बस अड्डे जैसा माहौल रहता है। बावजूद इसके श्री सत्यनारायण मंदिर और नेपाली फार्म सुलभ शौचालय की बाट जोह रहा है। मोदी जी के स्वच्छता अभियान के तहत प्रशासन शौचालय निर्माण की सोच नहीं रखता।
पुराने ढर्रे पर चलते हुए प्रशासन का ध्यान सिर्फ ऋषिकेश से चार धाम यात्रा टर्मिनल पर ही केंद्रित है।
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खबर 3
रेलवे विभाग और एनएच खंड डोईवाला अपने-अपने दायित्वों से पल्ला झाड़ रहे
श्यामपुर, 26 फरवरी 2025: श्यामपुर फाटक पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को दरकिनार कर वाहन आज भी रेंग रेंग कर चलने को मजबूर हैं। जबकि रेलवे विभाग और एनएच खंड डोईवाला अपने अपने दायित्वों से पल्ला झाड़ रहे हैं।
श्यामपुर जेजुरी फाटक पर ट्रेनों के आवागमन और खराब सड़क निर्माण कार्य के चलते सालों से आज भी वाहनों को रेंग-रेंग कर चलना पड़ रहा है। इसके साथ साथ वाहनों को जो क्षति पहुंच रही है सो अलग।
श्यामपुर फाटक पर पटरी के दोनों ओर इंटर लॉक टाइल्स उखाड़ चुकी हैं, जिस वजह से पटरी के किनारे नालीनुमा गड्ढे बने हुए हैं। जिससे दुपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों कहना है कि इंटरलॉक टाइल्स बिछाने के एक माह बाद से ही उखड़ना शुरू हो गईं थी। जिन्हें अब रिपेयर नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरे छोर पर एड पटरी के किनारे का एक हिस्सा धंसा हुआ है, जिससे वाहन हिचकोले खाकार गुजर रहे हैं और हल्की सी बारिश होने पर पटरी किनारे तालाब बन जाता है।
इस संबंध में एनएच खंड डोईवाला के अधिशासी अभियंता ने बताए कि उक्त भाग रेलवे विभाग के अधीन है। विवाह के जीन है लेकिन रेलवे विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है।
स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल भी आँखें मूंदे मार्ग से निकल जाते हैं। जबकि माननीय का लगभग रोजाना मार्ग से आवागमन होता है।
रेलवे विभाग व एनएच खंड डोईवाला विभाग अपने-अपने दायित्वों से पहला झाड़ रहे हैं।
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खबर 4
एचआईवी और एड्स पर "जागरूकता लाती है बदलाव" पर कार्यशाला आयोजित
नरेंद्रनगर, 27 फरवरी 2025: आज थाना नरेंद्रनगर में एचआईवी और एड्स तथा एसटीआई पर "जागरूकता लाती है बदलाव" पर कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसमें क्षय निवारण अस्पताल की डॉक्टर दीक्षा कुमैठी द्वारा एचआईवी एड्स जैसी महामारी बीमारियों से होने वाली नुकसान व निदान और बचाव विषय पर विस्तार से बताया गया तथा सुमन अस्पताल से एसटीआई परामर्शदाता प्रेमलाल द्वारा यौन जनित बीमारी के विषय में यहां पर आए हुए सभी पुलिस अधिकारी, जवानों व होमगार्ड जवानों को विस्तार से बताया गया।
खबर 5
यूसर्क द्वारा तीन दिवसीय "एग्रोइकोलॉजी विषय पर हैंड्स ऑन प्रशिक्षण" कार्यक्रम का समापन
ऋषिकेश, 27 फरवरी 2025: उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के लिए "एग्रोइकोलॉजी विषय पर तीन दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण" कार्यक्रम दून पीजी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, सेलाकुई के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज के परिसर में समापन किया गया।
समापन अवसर पर यूसर्क की निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अनीता रावत ने कहा कि यूसर्क द्वारा विद्यार्थियों में उद्यमिता विकास हेतु विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में "एग्रोइकोलॉजी विषय पर तीन दिवसीय हैंड्स ऑन प्रशिक्षण" कार्यक्रम आयोजित किया है जिसमें सॉइल साइंस, एग्रोनॉमी, फिशरीज, ऑर्गेनिक फार्मिंग, वर्मी कंपोस्टिंग, एजोला फार्मिंग, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, प्रोटेकटिव कल्टीवेशन आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
संस्थान के निदेशक संजय चौधरी ने कहा कि संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को फील्ड ट्रेनिंग के माध्यम से सभी विषयों को सरल और रोचक पूर्ण विधियों द्वारा सिखाया जाता है।
तकनीकी सत्र का पहला व्याख्यान संस्थान की डॉ मीना यादव ने "सॉइल एनालिसिस" विषय पर दिया तथा प्रयोगशाला में प्रशिक्षण प्रदान किया । तकनीकी सत्र का द्वितीय व्याख्यान संस्थान के प्राध्यापक डॉ रूप किशोर शर्मा ने "अजोला फार्मिंग" विषय पर देते हुए प्रशिक्षण दिया। तृतीय व्याख्यान डॉ उज्ज्वला उप्रेती ने "फिस फार्मिंग" विषय पर देते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया।
संस्थान के प्राध्यापक आरके मिश्रा ने "पैराडाइम शिफ्ट आफ एग्रीकल्चर फ्रॉम एग्रोइंडस्ट्री टू एग्रोइकोलॉजी" विषय पर देते हुए सभी के प्रश्नों का समाधान किया।
समापन मौके पर कार्यक्रम समन्वयक यूसर्क वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को विद्यार्थियों के करियर और उद्यमिता विकास हेतु बहुत उपयोगी बताया।
प्राचार्य डॉ. आरआर द्विवेदी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण में प्रदान किए गए तकनीकी ज्ञान का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
समापन कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ आरआर द्विवेदी, डॉ आरके मिश्रा, आयोजन सचिव डॉ रूप किशोर शर्मा, एकेडमिक्स कोऑर्डिनेटर डॉ सतीश कुमार, अनिल पुंडीर, काजल श्रीवास्तव, डॉ गौरव वर्मा, डॉ मृत्युंजय राय, कार्यक्रम समन्वयक यूसर्क वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा, राज्य के पांच उच्च शिक्षण संस्थानों के 30 प्रतिभागियों सहित 50 से अधिक लोग उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की फैकल्टी काजल श्रीवास्तव द्वारा व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आरके मिश्रा द्वारा किया गया।
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खबर 6
रिजॉर्ट निर्माण के चलते टूटी पेयजल लाइन, बूंद बूंद को तरसे ग्रामीण
यमकेश्वर, 26 फरवरी 2025: जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत भादसी और उसके आसपास कुछ गांव में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। संबंधित क्षेत्र में पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां एक रिजॉर्ट के निर्माण के चलते पेयजल लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दी गई है। हालत यह है कि ग्रामीण प्राकृतिक स्रोत के भरोसे अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।
न्याय पंचायत नीलकंठ के अंतर्गत आने वाले भादसी क्षेत्र में पानी के संकट पर सामाजिक कार्यकर्ता मुन्नी भंडारी ने बताया कि एक महीने से भादसी पुणडरासु और नागराजा गांव के लोग पानी को लेकर परेशान है। उन्होंने बताया कि खैर खाल क्षेत्र में एक मंत्री के पुत्र का रिजॉर्ट बन रहा है। इस निर्माण के चलते संबंधित ठेकेदार ने पेयजल लाइन को जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि हमारे क्षेत्र में हर घर नल योजना के तहत अलग से पाइपलाइन बिछाई गई है मगर अब तक संबंधित ठेकेदार ने संपूर्ण कनेक्शन नहीं जोड़े हैं। जिस कारण इस योजना का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक स्रोत के जरिए लोग अपनी पेयजल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। इस पानी से सिर्फ खाने की ही व्यवस्था हो पाती है। जबकि अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी डॉ आशीष चौहान से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर समस्या का निस्तारण कराया जाए।
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