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खबर-1
10 स्वर्ण पदक के साथ अनुश्रुति एकेडमी रुड़की बना चैंपियन, डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ ने किया अंतर राज्य स्पोर्ट्स मीट का समापन
ऋषिकेश, 19 फरवरी 2025: ज्योति विशेष स्कूल की मेजबानी में कराई जा रही दो दिवसीय अंतर राज्य स्पोर्ट्स मीट का समापन मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ के द्वारा किया गया।
दो दिवसीय अंतर राज्य स्पोर्ट्स मीट में ओवरऑल 10 स्वर्ण पदक के साथ अनुश्रुति एकेडमी रुड़की चैंपियन बना। विजेता टीम को मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि मुझे जीतना है अगर जीत न सका तो मुझे वीरता से प्रयास करने दो, की भावना देखने को मिली।
ज्योति स्पेशल स्कूल द्वारा आयोजित अंतरराज्य विशेष बच्चों के खेलों में आशादीप मुजफ्फरनगर, अनुश्रुति आईआईटी रुड़की, जीवनधारा बरेली, लतिका सेंटर देहरादून, गोल्डन की आशा रुड़की, पायजाम लखनऊ, रफेल देहरादून, संकल्प सहारनपुर, सूर्योदय चेरिटेबल ट्रस्ट धर्मशाला हिमाचल, द होराइजन स्कूल जौलीग्रांट, उम्मेद सिंह रावत, इंदू समिति, रामनगर, ज्योति स्पेशल स्कूल, सहयोग स्पेशल मंडी हिमाचल प्रदेश, इन तेरह विशेष विद्यालयों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर इस श्री भरत मंदिर स्कूल सोसायटी के सचिव हर्षवर्धन शर्मा, महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, ज्योति विशेष विद्यालय की प्रधानाचार्य अंबिका धस्माना, विनय उनियाल, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, प्रधानाचार्य केएल दीक्षित, सुधीर कुकरेती, पूर्व मेयर अनीता ममगाईं,
गीता कुकरेती, श्वेता कुकरेती, सावित्री क्षेत्री, अंजू रस्तोगी,
महंत रवि शास्त्री, अमित गांधी, मनोरंजन देवरानी, दीपक भारद्वाज, पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, गोविंद सिंह रावत, विकास नेगी, डॉ सुनील दत्त थपलियाल, शिवप्रसाद बहुगुणा जितेंद्र बिष्ट, कमलेश भाटिया, रंजन अंथवाल, संजीव कुमार, मंजू शुक्ला, उपदेश उपाध्याय, शशि राणा, दुर्गेश, प्रवीन रावत, मंजू राजपूत, घनिष्ठा, विजय लक्ष्मी, अर्शी ग्रोवर, धर्मेंद्र, विजया, सोनिया, श्वेता सिंह, बबीता राणा, ज्यकृत रावत, अमित चटर्जी, संजीव कुमार, नवीन मेंदोला, रचित अग्रवाल, सुखदेव कंडवाल, नितिन जोशी, धनंजय, अजय कुमार, रमेश बुटोला आदि मौजूद रहे।
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अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : प्रो महावीर सिंह रावत
ऋषिकेश, 19 फरवरी 2025: श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, एपेक्स संस्थान, इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय, हल्द्वानी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का ब्राउज़र पर बैठक में सम्मेलन के एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई।
परिसर के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने कहा कि प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, फार्मेसी और शिक्षा में अंतःविषय अनुसंधान पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सम्मेलन में प्रौद्योगिकी और प्रबंधन की चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा। प्रतिष्ठित एपेक्स संस्थान द्वारा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला वाणिज्य महाविद्यालय हल्द्वानी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस हाइब्रिड मोड में अपेक्स ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट कौशलगंज में आयोजित की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी योगदान मिलेगा।
सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर नवीनतम शोध और प्रौद्योगिकी के अंतःविषयक दृष्टिकोण पर विचार-विमर्श करना है।एपेक्स संस्थान से आए ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ आदर्श जोशी ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, अनुसंधान विद्वानों और छात्रों के लिए अपने शोध कार्य के दौरान आने वाले नए विचारों और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक ज्ञान-साझाकरण मंच विकसित करना है। कार्यप्रणाली, सिद्धांत, एल्गोरिदम, केस अध्ययन और औद्योगिक अनुप्रयोगों पर मूल कार्य का स्वागत है। सम्मेलन का उद्देश्य अनुसंधान उद्यम को बढ़ाना, विज्ञान और इंजीनियरिंग में अखंडता को बढ़ावा देना और प्रौद्योगिकी वृद्धि के लिए विज्ञान की समझ को बढ़ावा देना है।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री. डॉ अशोक कुमार मैन्दोला ने कहा सम्मेलन में तकनीकी, प्रबंधन, फार्मेसी और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ता, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी भाग लेंगे। यह आयोजन बहु-विषयक शोध को प्रोत्साहित करने, नवीनतम खोजों को साझा करने और वैश्विक सहयोग के नए अवसर उत्पन्न करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
इस अवसर पर परिसर के निदेशक प्रो महावीर सिंह रावत, एपेक्स संस्थान से आए ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ आदर्श जोशी, अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष प्रो पुष्पांजलि आर्य, प्रो. शांति प्रकाश सती, प्रो अंजली प्रसाद दुबे, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ अशोक कुमार मैन्दोला उपस्थित रहे।
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खबर-3
यूसीसी के तहत लव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कानून को खत्म करने व भू-कानून लागू करने की सुरकंडा देव डोली दरबार के उपासक अजय बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री से की मांग
ऋषिकेश, 19 फरवरी 2025: सुरकंडा देव डोली दरबार के उपासक अजय बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री से जहां प्रदेश में जल्द से जल्द भू-कानून लागू करने व यूसीसी में लव इनरिलेशनशिप में रहने वाले कानून को प्रदेश में समाप्त करने की मांग की है।
बुधवार को आईएसबीटी स्थित ऋषिकेश प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सुरकंडा देव डोली दरबार के उपासक अजय बिजल्वाण ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जहां प्रदेश में जल्द से जल्द भू-कानून 1950 को लागू करने की मांग की है, वहीं यूसीसी में लव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए बनाए गए कानून को प्रदेश में समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारे लव इन रिलेशनशिप में रहना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। कहा कि शादी के बाद ही युवक व युवती साथ-साथ रह सकते हैं और आपना दांपत्य जीवन शुरू कर घर बसा सकते हैं। कहा कि अगर हमारे प्रदेश में लव इन रिलेशनशिप कानून को समाप्त नहीं किया गया तो आगामी दस वर्षों के बाद इसके नतीजे हमारे प्रदेश के लिए धातक होंगे। कहा कि हमारे धर्म में, हमारी संस्कृति में शादी के बाद ही अपना घर बसाया जाता है। उन्होंने चमोली में एक युवती द्वारा दुसरे धर्म के युवक के साथ रिलेशनशिप में रहने का पंजीकरण कराने पर दुख व्यक्त किया है।
साथ ही उन्होंने सरकार से हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी भू-कानून 1950 लागू करने की मांग की है। कहा अगर प्रदेश सरकार ने हमारी इन दोनों मांगों का निराकरण नहीं किया तो वह प्रदेश में पदयात्रा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में भू-कानून लागू नहीं किया गया तो हमारा प्रदेश में कोई अस्थित्व नहीं रह जाता। उन्होंने सभी संत समाज से भी आगे आने की अपील की है। कहा कि हम सभी लोगों को एक जुट होकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। साथ ही उन्होंने गौ को राजमाता घोषित करने की सरकार से मांग की। कहा कि गाय का गोबर और मुत्र भी हमारे लिए पूज्यनीय के साथ ही लाभदायक भी है।
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खबर-4
...12 जनवरी 2024 को जिलापंचायत अध्यक्ष ने किया था उद्घाटन, आज तक पड़ी है वीरान।
खदरी खड़कमाफ़, 19 फरवरी 2025: बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में 10 लाख की गौशाला का निर्माण पैसों की बर्बादी तक सीमित नजर आ रही है। उद्घाटन करने वाले भी प्रतिक्रिया जाहिर ना करते हुए अखबारों की सुर्खियां बटोरने तक सीमित रहे।
माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्यामपुर संजीव चौहान द्वारा 12 जनवरी 2024 को गौशाला का उद्घाटन किया गया था, जो आज भी वीरान पड़ी है।
पूर्व में जिला पंचायत सदस्य श्यामपुर संजीव चौहान ने बताया था कि ग्राम पंचायत द्वारा गौशाला निर्माण के लिए धनराशि मांगी गई थी और कहा गया था कि इसका संचालन ग्राम पंचायत द्वारा ही किया जाएगा। जिला पंचायत देहरादून द्वारा 10 लाख की धनराशि आवंटित कर दी गई थी। अब गौशाला चलाने का जिम्मा ग्राम पंचायत का है।
ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते एक साल से वीरान पड़ी है गौशाला।
इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य श्यामपुर संजीव चौहान व ग्राम प्रधान संगीता थपलियाल से आज फोन करने पर उनसे फोन पर बात नहीं हो पाई।
बता दें कि हाईवे से 6.5 किमी दूर ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित गौशाला बनाने के लिए जिला पंचायत द्वारा बजट आवंटित किया गया था। पॉलिटेक्निक कॉलेज से 800 मीटर पीछे गंगा तट पर गौशाला बनाई गई। जहां निराश्रित गौवंशों को रखा जाना था। जबकि उक्त स्थान पर बरसात के दिनों में हर साल बाढ़ आती है। और खैरी खुर्द हाईवे किनारे पशु अस्पताल से गौशाला लगभग 8 किमी दूर है। यदि पशु उक्त गौशाला में रखे जाते भी हैं तो इतनी दूर बीमार पशु की पशु डॉक्टर द्वारा ईलाज कर पाना भी टेढ़ी खीर है।
ऐसे में उक्त स्थान पर गौशाला का निर्माण निहायत ही...।
खदरी खड़क माफ में 10 लाख में निर्मित गौशाला, जिसका उद्घाटन माननीय मधु चौहान एवं संजीव चौहान द्वारा 12 जनवरी 2024 में किया गया था, जो आज तक जस की तस खाली पड़ी हुई है।
विदित हो कि 34x47 फीट की गौशाला बनने में लगभग 6 माह लगे। और इससे भी ज्यादा ताज्जुब की बात है कि गौशाला अभी भी वीरान पड़ी है।
जहां ग्राम पंचायत की उदासीनता से 10 लाख में बनी गौशाला वीरान पड़ी है, वहीं सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं गौवंश। सड़कों पर भूखे प्यासे घूम रहे निराश्रित गौवंश कभी भी दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। किसी गौवंश की हत्या या किसी गौवंश की हाईवे पर टक्कर से मौत हो जाना, दोनों ही बातों से हिंदुत्व का घोर अनादर होता है। यदि समाज में किसी गौवंश की हत्या कर दी जाती है तो क्षेत्र में हंगामा मच जाता है। जबकि गौवंश को सड़क में भूखा प्यासा छोड़ दिया जाता है, जो एक सोचा समझा पाप है। सड़कों पर भटक रहे निराश्रित गौवंश स्वयं तो दुर्घटना का शिकार होते ही हैं साथ ही मनुष्य की दुर्घटना का कारण भी बनते हैं। इस गंभीर समस्या पर सरकार को गंभीरता से विचार करना आवश्यक होगा और कठोर कानून लागू करना होगा।
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स्पष्ट एक्सप्रेस।
गढ़ी श्यामपुर, 19 फरवरी 2025: नेशनल हाईवे-58 की निकासी नालियां चोक होने की वजह से गढ़ी मुख्य मार्ग की नालियों का गंदा पानी सड़क में फैल रहा है।
गढ़ी मुख्य मार्ग में आवागमन में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मार्ग की चौड़ाई कम होने और उस पर सड़क किनारे नालियों का पानी सड़क पर बहने की वजह से आवाजाही होने में परेशानी उठानी पड़ रही है। एक समय में केवल एक ही चौपहिया वाहन गुजर पा रहा है।
बीते वर्ष हाईवे वालों ने खानापूर्ति कर निकासी नाली के स्लैब हटा दिए थे पर नली सही तरीके से साफ नहीं की थी। जिस वजह से निकासी नाली में कीचड़ भरा पड़ा है। जो आने वाले दिनों में मक्खी-मच्छर डेंगू आदि से बीमारी फैलाएगा।
इससे जान पड़ता है माननीय मोदी जी का स्वच्छता अभियान इश्तहारों, पोस्टरों, टीवी चैनलों, विज्ञापनों तक ही सीमित है। और लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।
इस संबंध में एनएच खंड डोईवाला अधिशासी अभियंता नवनीत पांडे से बात करने पर उन्होंने बताया कि नाली की सफाई हेतु टेंडर निकाले जा रहे हैं जल्द ही समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
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खबर 6
बारिश से पहले दुरुस्त हों ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें
स्पष्ट एक्सप्रेस।
खैरी खुर्द 19 फरवरी 2025: सड़के क्षेत्र के विकास को दर्शाती हैं। सड़के, देश की आज और शान होती हैं। जिस पर अमीर-गरीब, बच्चे-बूढ़े, हिंदू-मुस्लिम, देसी-विदेशी सभी आवागमन करते हैं।
क्षतिग्रस्त सड़कों से होने वाली परेशानी को बूढ़े और बीमार व्यक्ति ही बयां कर सकते हैं। स्वस्थ व्यक्ति तो क्षतिग्रस्त सड़कों से होने वाली परेशानी को मजबूरन झेलता पड़ता है।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त ग्राम पंचायत की सड़क।
इसी परेशानी को श्यामपुर क्षेत्र की ग्रामीण जनता पिछले दो सालों से झेलती आ रही है। चाहे वह हाईवे की सड़कें हों या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की सड़कें अथवा ग्राम पंचायत की सड़कें। सड़कों के लिए पैसा तो रिलीज हो जाता है मगर क्षतिग्रस्त सड़कें जस की तस रहती हैं। सरकार द्वारा पैसा तो रिलीज कर दिया जाता है, लेकिन उन्हीं सड़कों का पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत कर दिया जाता है जो पहले से ही स्वस्थ हों। जबकि क्षतिग्रस्त सड़क जस की तस रहती हैं।
क्षेत्र के जागरूक प्रतिनिधि जिस सड़क की मरम्मत अथवा पुननिर्माण के लिए जोर आजमाइश करते हैं केवल उन्हीं सड़कों का उद्धार होता है। और शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाता है। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों का मौका मुआयना ही नहीं किया जाता।
यही कारण है ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर की सड़कें क्षतिग्रस्त हालत में हैं।
खबर-7
पीएम श्री केवी रायवाला में एटीएल टिंकर फेस्ट का आयोजन
रायवाला, 19 फरवरी 2025: सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक नदीम अहमद, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमलता व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. तबिश आलम के सान्निध्य में आज पीएम श्री केवी रायवाला में एटीएल टिंकर फेस्ट का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में डीएसबी इंटरनेशनल ऋषिकेश, रीडिंग रेनबो श्यामपुर, और मां आनंदमयी मेमोरियल स्कूल रायवाला के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। STEAM प्रदर्शनी में छात्रों ने अपनी नवाचारी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में पीएम श्री केवी रायवाला की दो टीमों ने पहला और तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्य अतिथियों ने छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी कौशल की सराहना की और नवाचार के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रीता इंदरजीत सिंह ने छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। एटीएल प्रभारी श्रीमती रामाया खान ने बच्चों को बधाई दी।
इस आयोजन में लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन और डेल टेक्नोलॉजीज का विशेष योगदान रहा, जो अपने एटीएल एडॉप्शन प्रोग्राम के माध्यम से नवाचार और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहे हैं। पिछले दो वर्षों से यह संस्थाएँ स्कूल की एटीएल लैब में छात्रों को नवाचार, प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीकी कौशल सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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खबर-8
वर्षों से अधर में लटका हुआ है कर्मचारी आवास निर्माण कार्य, विभाग रो रहा है बजट का रोना
नरेंद्रनगर, 19 फरवरी 2026: नरेंद्रनगर नगर पालिका क्षेत्र में चल रहा कर्मचारी आवासीय निर्माण भवन की अधूरी निर्माण प्रक्रिया तो यही बयां कर रही है। इसकी ईंटों से चिनी गई दीवारों पर काई जमने लगी है। निर्माण कार्यों के लिए बनाई गई पानी की हौज जिसमें शैवाल और काई की परतों ने डेरा जमा लिया है, यही रवैया पहले उत्तराखंड में कार्य करती उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण द्वारा अपनाया जाता था कि यह विभाग आंगणन की धनराशि बढ़ाने और पुनः बढ़े हुए दरों कार्य करने की प्रवृति को अपना रही थी, ताकि विभाग और ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया जा सके, कोई सरकारी निर्माण शुरू किया जाता है तो उसकी उपयोगिता सार्थकता तभी सिद्ध होती है ज़ब उसे पूर्ण कर उपयोग मे लाया जाय, उत्तराखण्ड के कार्यदायी विभागों को यही परिपाटी अवश्य अपनानी चाहिए, जिसके अधिकांश कार्य केंद्र सरकार और वित्तीय प्रतिष्ठानों के क़र्ज़ के भरोसे चल रहें है तभी इस छोटे और पर्वतीय मूल धारणा पर स्थापित राज्य के स्थापना विकास कार्यों की गतिशीलिता को बढ़ावा मिल सकता है और नरेन्द्रनगर स्थित कर्मचारी संघ द्वारा सरकार के संज्ञान मे यह मामला अवश्य लाकर इसके त्वरित निर्माण के लिए दबाव बनाने की आवश्यकता है ताकि उनके और उनके परिवारों समस्या शीघ्र दूर हो सके। निर्माण कार्यों को लम्बे समय तक लटकाये जाना आंगणन बढ़ाकर उसकी क़ीमत बढ़ाकर कार्य की प्रवृति पर सरकार और शासन को तुरंत सख्त रुख अपनाकर सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए जाने चाहिए। जिस ठेकेदार के साथ निर्माण विभाग का अनुबंध हो तो उसको अगला कार्य तभी मिले जब वह पहले से चल रहे अनुबंधित कार्य को पूर्ण करे। इस लेट लतीफी पर ज़ब विभाग से पूछा गया तो उनके बयान भी संतुष्ट करते प्रतीत नहीं हो रहे हैं।
कछुआ चाल की गति से चल रहे क्लर्क क्वार्टर में बिल्डिंग निर्माण को लेकर अवकाश प्राप्त कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष धर्म सिंह चौहान ने कहा कि जनपद टिहरी का मुख्यालय रहा नरेंद्रनगर आज वीरान होता नजर आ रहा है जिस क्लर्क क्वार्टर में पहले दो दर्जन से अधिक परिवार निवास करते थे, आज वह भी अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। कर्मचारी वर्ग कमरों के लिए परेशान है। वह भी मजबूरी से नरेन्द्रनगर से अन्य जगह शिफ्ट हो गए हैं। इसलिए प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
इस निर्माण कार्य के लिए पचास लाख रुपये की धनराशि आबंटित हुई थी जो ठेकेदार को निर्माण कार्यों के लिए भुगतान कर दी गई, अगली धनराशि प्राप्त होते ही पुनः निर्माण शुरू किया जाएगा। -विजय कुमार मोघा अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोनिवि नरेन्द्रनगर टिहरी गढ़वाल।
मेरे संज्ञान मे यह मामला नहीं है। इसका संज्ञान लेकर मामले का पता करवाया जायेगा। - अधीक्षण अभियंता, लोनिवि नई टिहरी।
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