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खबर - 1
शुरुआती दौर में ही दम तोड़ती नजर आ रही भल्ला फॉर्म में बिछाई गई पेयजल लाइन
- घटिया किस्म के पाइप बिछाने से जगह जगह आ रही लीकेज की समस्या।
- बजट का रोना रो रहा पेयजल विभाग
स्पष्ट एक्सप्रेस।
श्यामपुर, 17 फरवरी 2025: हैंड पम्प के गंदे पानी से निजात दिलाने को सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों की पेयजल लाइन बिछाई है। बावजूद इसके भल्ला फॉर्म क्षेत्रवासियों को करोड़ों की पेयजल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भल्ला फार्म के निवासियों का कहना है कि घटिया किस्म के पाइप बिछाने से आएदिन जगह-जगह से लीकेज की समस्या आ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को हैंड पंप के गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए सरकार ने लगभग 9 करोड़ रु. की लागत से जल जीवन मिशन कार्यक्रम श्यामपुर पेयजल योजना के अंतर्गत (हर-घर नल, हर घर-जल) योजना के तहत लोगों को साफ व स्वच्छ पानी पीने के लिए नई पाइप लाइन बिछाई है। विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से पाइप लाइन बिछाई गई। मगर पाइप लाइन में घटिया सामग्री का प्रयोग कर यह पाइप लाइन शुरुआती दौर में ही दम तोड़ रही है।
जल जीवन मिशन कार्यक्रम श्यामपुर पेयजल योजना के अंतर्गत नई पाइप लाइन बिछाई गई है। जिसका पानी का टैंक श्यामपुर फाटक के समीप बनाया गया है। विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से भल्ला फॉर्म क्षेत्र में पाइप लाइन तो बिछाई गई, मगर घटिया किस्म के पाइप बिछाने से पाइप लाइन जगह-जगह से लीक हो रही है। जिसकी आए दिन मरम्मत की जाती है, लेकिन दूसरे दिन फिर लीकेज की शिकायत मिलती है। लीकेज पानी सड़कों पर बहने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में भल्ला फॉर्म विकास समिति के अध्यक्ष बाल सिंह राणा, सचिव एडवोकेट रणवीर सिंह राणा व क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यह योजना पूर्ण रूप से विफल नजर आ रही है। पाइप लाइन पर प्रेशर भी नहीं है। पाइप लाइन को मानकों के अनुरूप नहीं बिछाया गया है। जिससे पाइप लाइन बार बार क्षतिग्रस्त हो जाती है। अभी तक अधिकांश घरों में कनेक्शन भी नहीं दिए गए हैं। इस संबंध में कई बार विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत की गई है मगर विभाग के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है, और ना ही विभाग इस ओर ध्यान दे रहा है। जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि करोड़ों रुपए की लागत से बिछाई गई यह पेयजल योजना शुरुआती दौर में ही दम तोड़ने लगी है।
इसके अलावा गढ़ी मुख्य मार्ग में जगह जगह पाइप लाइन बिछाने से गढ्ढे बन गए हैं जिन्हें अभी तक सीसी नहीं किया गया है।
श्यामपुर ग्राम प्रधान विजयपाल जेठूड़ी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह पेयजल लाइन घटिया सामग्री के कारण जगह-जगह से लीक हो रही है। पाइप लाइन में घटिया किस्म के पाइप लगाए गए हैं। कहा कि इस संबंध में उन्होंने कई बार अधिशासी अभियंता से शिकायत भी की मगर स्थित जस की तस बनी है। उन्होंने कहा कि इस योजना को मार्च 2024 तक पूरा हो जाना था मगर मार्च 2025 शुरुआत होने को है, मगर अभी तक योजना पूरी नहीं हो पाई है।
कहा कि भल्ला फार्म क्षेत्र में अभी तक 75 प्रतिशत घरों में विभाग द्वारा कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। जिससे इस योजना का लाभ क्षेत्रीय लोगो को नहीं मिल पा रहा है और लोगों को मजबूरन हैंड पम्प का पानी पीना पड़ रहा है।
इसके अलावा हाईवे किनारे फुटपाथ के नीचे से जा रही पाइप लाइन में हो रही लीकेज टाइल्स उखाड़कर ठीक तो कर दी जाती है ,लेकिन दुबारा से इंटरलॉक टाइल्स बेतरतीब तरीके से बिछा दी जाती है। जिससे फुटपाथ ऊबड़ खाबड़ बन जाता है, जिसपर चलना मुश्किल हो जाता है।
इस संबंध में पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता कंचन रावत मैडम ने कहा कि अभी पेयजल लाइन पर टेस्टिंग का काम चल रहा है। टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन में हो रहे लीकेज को ठीक किया जाता है। उन्होंने कहा कि बजट न होने के कारण योजना का काम भी धीमी गति से चल रहा है। बजट उपलब्ध होते ही योजना पर तीव्र गति से कार्य किया जाएगा।
हालांकि, सहायक अभियंता मनोज जोशी ने बताया कि ग्राम खैरी खुर्द में कार्य अंतिम चरण में है। टेस्टिंग के दौरान कहीं से शिकायत आने पर लीकेज की समस्या का त्वरित निस्तारण किया जाता है।
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खबर - 2
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर सेलाकुई में पर्यावरण संरक्षण पर गोष्ठी का आयोजन
सेलाकुई, 17 फरवरी 2025: रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर सेलाकुई में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि में हरित संगम कार्यक्रम की गोष्टी का आयोजन हुआ। जिसमे पर्यावरण को कैसे बचाया जा सकता है। कहीं महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चाएं हुई। जिसमें चंदन, प्रांत पर्यावरण संयोजक मुख्य वक्ता रहे। इसमे कार्यक्रम का सचलान बलवन्त, पर्यावरण मित्र ने किया।
इस मौके पर जयकृत, पियूष , योगेश सेमवाल, ज्ञान सिंह राणा , रविंद्र रमोला, अनिल नौटियाल, सभी नगर कार्यकारिणी मौजूद रही।
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खबर - 3
उत्तराखंड में युवाओं के लिए नया अवसर: एक मंच पर आएंगे रेडक्रास, एनएसएस और एनसीसी, रोवर्स-रेंजर्स
देहरादून, 17 फरवरी 2025: समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी दिशा में उत्तराखंड में यूथ रेडक्रास, एनएसएस, एनसीसी और रोवर्स-रेंजर्स को एक मंच पर लाने का निर्णय स्वागतयोग्य और दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ेगी, बल्कि उनकी ऊर्जा और सेवा भावना को एक संगठित दिशा भी मिलेगी।
डॉ. ए.एस. उनियाल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा एवं चेयरमैन, यूथ रेडक्रास (वाईआरसी) उप समिति, भारतीय रेडक्रास समिति, उत्तराखंड की अध्यक्षता में आज यूथ रेडक्रास उप समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों में यूथ रेडक्रास, एनएसएस, एनसीसी और रोवर्स-रेंजर्स को एक साझा मंच पर लाया जाएगा ताकि युवाओं को आपदा प्रबंधन, फर्स्ट एड, रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, मतदाता जागरूकता, सड़क सुरक्षा आदि गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। इससे वे न केवल स्वयं में जागरूकता विकसित करेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का भी माध्यम बनेंगे। उत्तराखंड, जो भौगोलिक रूप से आपदाओं के प्रति संवेदनशील राज्य है, वहां ऐसे प्रयासों का विशेष महत्व है।
बैठक में डॉ. हरीश चंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि उत्तराखंड के 118 उच्च शैक्षणिक संस्थानों में से 94 महाविद्यालयों में यूथ रेडक्रास का गठन हो चुका है। यूथ रेडक्रास में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को मानव सेवा, आपदा प्रबंधन एवं अन्य सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए.एस. उनियाल ने बताया कि उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में यूथ रेडक्रास की गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के 13 जिलों में 13 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा गोद लिए गए गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामाजिक कल्याण और विकास को गति मिलेगी।
इस बैठक में नीतू गुप्ता (मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनसीसी), डॉ. सुनैयना रावत (राज्य एनएसएस अधिकारी), रविंद्र मोहन काला (राज्य सचिव, भारत स्काउट गाइड), मुंशी चौमवाल (आपदा प्रबंधन समन्वयक) एवं आशीष नेगी (लेखाकार, भारतीय रेडक्रास समिति, उत्तराखंड) सहित अन्य उपस्थित रहे।
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खबर - 4
मिस्टर उत्तराखंड और मिस्टर हिमालय दोनों खिताब तुशाल सक्सेना ने अपने नाम किए
ऋषिकेश, 17 फरवरी 2025: ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग संगठन द्वारा आयोजित मिस्टर उत्तराखंड और मिस्टर हिमालय के दोनों खिताब तुशाल सक्सेना ने अपने नाम किए।
बॉडीबिल्डर तुशाल सक्सेना की इस उपलब्धि पर उन्हें मिस्टर हिमालय का खिताब हासिल करने पर उन्हें ₹51 हजार और मिस्टर उत्तराखंड का खिताब जीतने पर ₹25 हजार से सम्मानित किया गया।
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खबर - 5
छिद्दरवाला में सिग्नल्स ग्रुप द्वारा 11वां कोर दिवस धूमधाम मनाया
छिद्दरवाला,17 फरवरी 2025: छिद्दरवाला में फ़ूड कोर्ट परिसर में सिग्नल्स ग्रुप द्वारा 11वां कोर दिवस समारोह का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
समारोह का आयोजन राष्ट्रीय गान से किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेजर वाईबी थापा का स्वागत किया गया। रंगारंग कार्यक्रमों ने सब का मन मोह लिया। कार्यक्रम में वीर नारियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
इस मौके पर उत्तम सिंह रावत, कैप्टन बलूनी, बगीचा सिंह, मोहन राणा, चन्द्रमोहन रावत मौजूद रहे।
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खबर - 6
अधर में लटके पुस्ता निर्माण का मामला :
जवाब ना देने के डर से ब्लॉक लिस्ट किया स्पष्ट एक्सप्रेस प्रतिनिधि का नंबर
स्पष्ट एक्सप्रेस।
खैरी खुर्द, 11 फरवरी 2025: ग्राम खैरी खुर्द में दिसंबर 2024 से आधा-अधूरा लटका हुआ है पुस्ता निर्माण कार्य।
ग्राम खैरी खुर्द स्थित पशु अस्पताल के निकट ग्राम समाज की खाली पड़ी भूमि पर जिला पंचायत द्वारा निकासी नहर पर दिसंबर 2024 में पुस्ता निर्माण किया जा रहा था। बरसात के दिनों में निकासी नहर से पानी कलवट से होकर सड़क के दूसरी ओर निकल जाता है, लेकिन निकासी नहर सालों से जालदार पत्थरों पर टिकी हुई है, जिस कारण बरसाती पानी कलवट से होकर सड़क के दूसरी ओर ना निकलकर प्राइमरी स्कूल के समीप मैदान में ही फैल जाता है। जिसे देखते हुए निकासी नहर में जिला पंचायत द्वारा दिसंबर 2024 में पुस्ते का निर्माण किया जा रहा था। लेकिन तब से पुस्ते का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।
इस संबंध में जिला पंचायत जेई राहुल भट्ट ने बताया कि बजट की कमी के कारण उतना ही पुस्ता बनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि बजट उपलब्ध होने पर निर्माण कार्य फिर शुरू किया जाएगा।
निकट ही लघु उद्योग की संचालिका अनिता चौहान ने बताया कि अधूरे बने पुस्ते से बरसती पानी उनके उद्योग के कारखाने में घुसने की पूरी पूरी संभावना है। जिससे उनके उद्योग को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यदि उनके उद्योग के कारखाने में पानी घुसता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। उन्होंने जिला पंचायत से बरसात से पहले पुस्ता निर्माण पूर्ण कराने की गुजारिश की है।
बता दें कि 8 दिसंबर 2024 को पुस्ता निर्माण के लिए तैयार किए जा रहे निर्माण सामग्री में मजदूर द्वारा समीप के कीचड़ युक्त गड्ढे से पानी मिलाकर निर्माण सामग्री तैयार की जा रही थी। इसी दौरान स्पष्ट एक्सप्रेस प्रतिनिधि के वहां पहुंचने पर व निर्माण कार्य जिम्मेदार व्यक्ती के सामने करवाने की हिदायत देकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को फोन पर सूचित किया। जिस पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ने बताया कि कार्य हेतु उनके द्वारा ठेकेदार को पानी का टैंकर उपलब्ध करवाया हुआ है।
जब जेई राहुल भट्ट से अनुबंध पत्र की कॉपी की प्रतिलिपि मांगी गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और स्पष्ट एक्सप्रेस प्रतिनिधि की कॉल को ब्लॉक लिस्ट मोड पर डाल दिया है।
नोट:- इस संबंध में जिला पंचायत के जेई राहुल भट्ट से अनुबंध पत्र की कॉपी मांगने पर उन्होंने स्पष्ट एक्सप्रेस प्रतिनिधि की कॉल ब्लॉक लिस्ट मोड पर डाल दी है। जिसमें कॉल एक बैल जाने के बाद व्यस्त बताने लगता है। इससे पता चलता है जेई राहुल भट्ट जवाब देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, और दाल में कुछ काला है।
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खबर 7
बारिश से पहले दुरुस्त हों ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें
स्पष्ट एक्सप्रेस।
खैरी खुर्द 17 फरवरी 2025: सड़के क्षेत्र के विकास को दर्शाती हैं। सड़के, देश की आज और शान होती हैं। जिस पर अमीर-गरीब, बच्चे-बूढ़े, हिंदू-मुस्लिम, देसी-विदेशी सभी आवागमन करते हैं।
क्षतिग्रस्त सड़कों से होने वाली परेशानी को बूढ़े और बीमार व्यक्ति ही बयां कर सकते हैं। स्वस्थ व्यक्ति तो क्षतिग्रस्त सड़कों से होने वाली परेशानी को मजबूरन झेलता पड़ता है।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त ग्राम पंचायत की सड़क।
इसी परेशानी को श्यामपुर क्षेत्र की ग्रामीण जनता पिछले दो सालों से झेलती आ रही है। चाहे वह हाईवे की सड़कें हों या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की सड़कें अथवा ग्राम पंचायत की सड़कें। सड़कों के लिए पैसा तो रिलीज हो जाता है मगर क्षतिग्रस्त सड़कें जस की तस रहती हैं। सरकार द्वारा पैसा तो रिलीज कर दिया जाता है, लेकिन उन्हीं सड़कों का पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत कर दिया जाता है जो पहले से ही स्वस्थ हों। जबकि क्षतिग्रस्त सड़क जस की तस रहती हैं।
क्षेत्र के जागरूक प्रतिनिधि जिस सड़क की मरम्मत अथवा पुननिर्माण के लिए जोर आजमाइश करते हैं केवल उन्हीं सड़कों का उद्धार होता है। और शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाता है। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों का मौका मुआयना ही नहीं किया जाता।
यही कारण है ग्रामीण क्षेत्र श्यामपुर की सड़कें क्षतिग्रस्त हालत में हैं।
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